ताड़ोबा में मिली कई दुर्लभ तितलियां

  • 116 से अधिक तितलियां का हुआ दर्शन
  • निजी संस्था ने किया निरीक्षण

चंद्रपुर. ताड़ोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प वास्तव में पट्टेदार बाघों के अभयारण्य के लिए विश्वभर में प्रसिध्द है, यहां अन्य वन्यप्राणियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है. बाघों और वन्यप्राणियों के साथ यहां प्रकृति के सबसे हसीन और खूबसूरत दिखनेवाली तितलियों के लिए भी ताड़ोबा विश्व में प्रसिध्द है. यहां कई रंगों और आकार लिए हुए सैकड़ों तितलियों का संसार रचा बसा हुआ है. निजी पर्यावरण संस्था वाईल्ड कल्चर ने  प्रवीण निखारे के नेतृत्व में ताड़ोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प एवं परिसर के जंगल में लगभग 116 तितलियां को दर्ज किया है.

तितलियां का निरीक्षण कर इसकी जानकारी राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केन्द्र के जैवविविधता प्रयोगशाला एवं सहयोगी प्राध्यापक, प्रधान अन्वेषक डा. कृष्णामेघ कुंटे के बटरफ्लाय आफ इंडिया वेबसाईट पर अपलोड की गई है. निरीक्षण के दौरान ऐसी दुर्लभ तितलियां पायी गई है जो कि समूचे भारत भर में इसकी संख्या नाममात्र है.

दुलर्भ तितलियां में कम्प्लीट पेंट ब्रश स्विफ्ट, लार्ज सल्मोन अरब, ओरिएंटल कमांडर,  ब्राईट बबूल बल्यू, डिग्नी लॉईन बल्यू, बिसपॉट बैडेड ऐस, ब्लैक स्विफ्ट, रिस्टीक्रेडेट डिमेन, सेलटोरिस स्विफ्ट, एनोलॉल्स नवाब, स्लेट फ्लैश,  कॉमन बैडेड पिकॉक का समावेश है जो पिछले एक दशक से चंद्रपुर में नजर आ रहीहै. यह निरीक्षण ताड़ोबा_अंधारी व्याघ्र प्रकल्प एवं उसके आसपास का जंगल, लोहारा, निंबाला, मामला, केसलाघाट, चिमूर, नवेगांव, कोलारा, सिंदेवाही, मूल, जुनोना, भद्रावती वरोरा इन क्षेत्रों में हजारों की संख्या में तितलियां पायी गई जिसमें से 116 दुर्लभ प्रकार की तितलियां मिली है. 

कम्प्लीट पेंट ब्रश स्विफ्ट नामक तितली महाराष्ट्र में सातारा, ठाणे, सिंधुदुर्ग, विदर्भ एवं मध्य भारत में पायी जाती है. लार्ज सल्मोन अरब नामक तितली महाराष्ट्र में सातारा,पुणे, मध्यभारत में पायी जाती है, चंद्रपुर में पहली बार दिखी है, ओरिन्टल कमांडर तितली दो प्रजाति में है ओरिन्टल कमांडर और स्याद्री कमांडर इसमें से स्याद्री कमांडर महाराष्ट्र मे पायी जाती है जबकि ओरिन्टल कमांडर को पहली बार देखा गया है.यह तितली उत्तर भारत में पायी जाती है. ब्राईट बबूल ब्ल्यू, डिग्नी लाईन ब्ल्यू, बिस्पॉट बैडेट एस इन तितलियों का मध्यभारत में पहली बार देखा गया है यह अत्यंत दुर्लभ है. यह तितलियां देश के किनारपट्टी पर ही पायी जाती थी.

पूरे विश्व में 1700प्रजाति की तितलियां है, भारत में 1500प्रजाति की तितलियां है जबकि महाराष्ट्र में 225 प्रकार की तितलियां है.