मंगल कार्यालय, लॉन में फिर छाई रौनक

  • कोरोना नियमों का पालन

चंद्रपुर. मार्च महीने के मध्य से कोरोना महामारी के कारण लॉकडाऊन लगाये जाने के बाद से मंगल कार्यालय एवं लॉन संचालकों का व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो गया था. स्थिति यह आ गई थी कि बिजली बिल और मेन्टेनेन्स का खर्च कहां से करें यह प्रश्न उनके सामने आन पड़ा था. गहरे आर्थिक संकट में घिरे मंगल कार्यालय एवं लॉन संचालकों को दीपावली के बाद से राहत मिली और मंगल कार्यालय एवं लॉन फिर से गुलजार हुए है. कोरोना के संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने जो निर्देश दिए गए है उसका पालन करने में मंगल कार्यालय एवं लॉन संचालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.  लॉन अथवा मंगल कार्यालय में निर्धारित क्षमता से अधिक लोग नजर आने पर ना केवल आयोजकों बल्कि मंगल कार्यालय व लॉन संचालकों पर भी गाज गिरनेवाली है. 

मार्च के मध्य में जैसे लॉकडाऊन घोषित हुआ सभी मंगल कार्यालयों और लॉन में की गई बुकिंग रद्द कर दी गई. और करीब 6 महीने से अधिक अवधि तक यह मंगल कार्यालय एवं लॉन सूने पड़े हुए थे. जिसके कारण इनके मेन्टेनेन्स और यहां उपयोग की जा रही बिजली बिल को अदा करने एवं नियुक्त कर्मियों का वेतन देने में संचालकों को दिक्कतें पेश आ रही थी. इस बीच लॉकडाऊन में कुछ शिथिल देकर विवाह समारोह में 50 तक ही लोगों के उपस्थिति की अनुमति मिलने के बाद कुछ मंगल कार्यालयों औरलॉन में विवाह समारोह होने लगे थे. दीपावली के बाद से तो अब बिना रोकटोक मंगल कार्यालयों और लॉनों में विवाह समारोह आदि कार्यक्रम लिए जा रहे है और लोगों की उपस्थिति को लेकर भी किसी तरह कोई बंधन अब नजर नहीं आ रहा है. हालांकि लॉन और मंगल कार्यालय संचालकों द्वारा आयोजकों से करारनामा करते हुए नियम और शर्तों में इस बाद का उल्लेख कररह है कि लोगों की उपस्थिति प्रशासन द्वारा निर्धारित संख्या अनुसार ही हो, सभी मास्क पहने नजर आने चाहिए, सैनिटाईजर का उपयोग किया जाए, सामाजिक दूरी बनाकर कार्यक्रम को लिया जाए आदि बंधन का उल्लेख किया जा रहा है इसका उल्लंघन करने पर कुछ मंगल कार्यालयों और लॉन संचालकों ने हजारों रूपयों का दंड भी निर्धारित किया हुआ है परंतु इसका पालन होता कही भी नजर नहीं आ रहा है.

चंद्रपुर जिले में लगभग 200 मंगल कार्यालय एवं शहर लगभग 35 से 40 मंगल कार्यालय है. इनमें से अधिकांश में अब कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर बुकिंग शुरू हो गई है और सप्ताह भर से नियमित रूप से कार्यक्रम भी लिए जा रहे है. तुलसी विवाह उपरांत मंगल कार्यों के लिए शुभ मुहुर्त होने से विवाह, सगाई, प्रीतिभोज आदि के कार्यक्रम लॉन और मंगलक कार्यालयमें होने लगे है. इससे संचालक काफी आनंदित है. इसके चलते कैटरिंग वालों को भी अब रोजगार मिल गया है.