सांसद ने शिक्षणाधिकारी की ली क्लास

  • जिलाधिकारी से शिक्षणाधिकारी के संपत्ति के जांच की मांग

चंद्रपुर. शिक्षणाधिकारी कार्यालय में अनेक प्रकरण जानबूछकर प्रलंबित रखने, मुख्याध्यापकों के साथ अपमानजनक व्यवहार करने, काम के लिए आनेवालों को किसी भी तरह की जानकारी नहीं देने समेत अनेक शिकायतें मिलने पर सांसद सुरेश उर्फ बालू धानोरकर ने माध्यमिक शिक्षणाधिकारी को आड़े हाथों लेते हुए उनके संपत्ति की जांच करने की मांग जिलाधिकारी से की है.

कोरोना संकट में स्कूल शुरू करने के संदर्भ में निर्माण हो रहे संभ्रम के संदर्भ में जिलाधिकारी डा. कुणाल खेमनार के साथ उन्होने चर्चा की. इस समय सांसद धानोरकर ने शिक्षणाधिकारी की जमकर क्लास ली.

सांसद धानोरकर ने कहा कि शिक्षधाधिकारी के संदर्भ में शिकायतें है कि शिक्षकों के साथ शिक्षण विभाग के कार्यालय में हीन व्यवहार किया जाता है, शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य निर्माता है, शिक्षक गुरू है उनका आदरपूर्वक स्थान है, सांसद ने कहा कि वें स्वयं एक शिक्षक के पुत्र है, यदि शिक्षण विभाग शिक्षकों के साथ इस तरह का व्यवहार करता है तो इसे वें कदापि बर्दाश्त नहीं करेंगे. 

अन्य शिकायतों के संदर्भ में उन्होने कहा कि शिक्षणाधिकारी कार्यालय में अनेक प्रकरण जानबूछकर प्रलंबित रखे जा रहे है. माध्यमिक स्कूलों का विभाग एवं मंडल मंजूरी विहित करने का प्रस्ताव कई दिनों से अटका हुआ है, संबंधित विस्तार अधिकारी मुख्याध्यापकों के साथ अपमानजनक तरीके से पेश आते है किसी भी तरह की जानकारी नहीं देते है. मुख्याध्यापकों को उल्टे पैर लौट जाना पड़ता है, शिक्षणाधिकारी भी उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं है. कार्यालय के अधीक्षक संबंधित कर्मचारी से मिले बगैर कोई फाईल पास नहीं करते है अनेक शिक्षकों का मेडिकल बिल सहित अन्य प्रस्ताव धूल खा रहा है ऐसे अन्य शिकायतें शिक्षकों की है.

जिस तरह से भंडारा एवं गोंदिया जिले के शिक्षणाधिकारी ने आदेश जारी किया है उसी तरह का स्पष्ट आदेश चंद्रपुर में भी जारी किया जाए., इसी तरह से शिक्षणाधिकारी के कार्यालय में शिक्षक के साथ अभद्र एवं अपमानजनक व्यवहार हुआ तो अधिकारियों को वें बर्दाश्त नहीं करेंगे. सांसद बालू धानोरकर ने जिले में स्कूलें शुरू करने के बारे में संभ्रम दूर करने का आदेश तत्काल जारी कर संभ्रम दूर करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए.