murder

  • पत्नी समेत भाई व उसका दोस्त गिरफ्तार

मूल. पत्नी के चरित्र  पर संदेह कर मारपीट करनेवाले पति को भाई व उसके दोस्त की सहायता से गला घोंटकर हत्या करने की घटना मूल तहसील के केलझर में सोमवार को घटी। मामले में पुलिस ने पत्नी समेत भाई व उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है।

केलझर निवासी आशिष हरिदास चुनारकर (30) का 10 वर्ष पहले गांव की ही वंदना रायपुरे नामक युवती के साथ प्रेमविवाह हुआ। विवाह के पश्चात उन्हे दो बेटियां है।  विवाह के पश्चात दोनोँ खुशी से रहने लगे। इसी बीच पिछले 1 वर्ष से पति आशिष पत्नी वंदना पर शक करने लगा था। शक के आधार पर पति आकाश व पत्नी वंदना में हमेशा विवाद होने लगा। कई मर्तबा वह वंदना से मारपीट भी करता था। वंदना का ससुराल व मायका केलझर में होने से पति द्वारा मारपीट होने पर मायके जाती थी। मायकेवालों से आपबीती बयां  करती थी। घटना के दो दिन पहले पति आशिष ने पत्नी वंदना के चरित्र पर संदेह कर उससे मारपीट की। जिससे नाराज़ होकर वंदना मायके चली गयी। पति आशिष द्वारा होनेवाली मारपीट से त्रस्त होकर वंदना की मां व भाई संदीप के पास पति  को खत्म करने का जिक्र किया।

इस दौरान पति को रास्ते न हटाने पर आत्महत्या की धमकी मायकेवालों को दी। बहन को होनेवाली तकलीफ से आवेशित भाई संदिप ने केलझर निवासी रणधिरसिंह भोंड (21) की सहायता से आशिष के हत्या का प्लान बनाया। रविवार 20 सितम्बर की रात 8 बजे आशिष, वंदना का भाई संदिप व मित्र रणधिर इन तीनों ने मिलकर जमकर शराब पी ली। तत्पश्चात भोजन किया। भोजन पश्चात घुमने के बहाने अजयपुर मार्ग से रेलवे पुल तक आ गए। पेशाब के बहाने दुपहिया वाहन रोकने के पश्चात संदिप व उसके दोस्त रणधीर ने आशिष का गला घोटकर उसकी हत्या की। उसके बाद शव को सडक किनारे जमा पानी में फेंककर संदीप व उसका दोस्त रणधीर घटनास्थल से फरार हो गए।

दौरान सोमवार को घटना की चर्चा गांव में होने पर शिकायत के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल पहुचकर घटना का जायजा लिया।  प्रथमत: पुलिस ने जानकारी के आधार पर मर्ग दाखिल किया।  परंतु मृतक आशिष की आकस्मिक मृत्यु ना होकर यह हत्या होने की चर्चा गांव में फैलने से पुलिस ने उस दिशा से छानबीन शुरू की. पूछताछ व जांच के पश्चात आशिष की हत्या होने की बात सामने आने पर सबूत व अन्य जानकारी के आधार पर पुलिस ने मृतक आशिष के साले संदिप व उसके दोस्त रणधीर को गिरफ्तार कर लिया। दौरान पत्नी वंदना चुनारकर को हिरासत में लिया गया। आगे की जांच थानेदार सतीशसिंह राजपुत के मार्गदर्शन में जारी है।