मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी के सर्वे पर शिक्षकों का बहिष्कार का इशारा

चंद्रपुर. मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी की मुहिम राज्य सरकार ने हालही में शुरू की है. इस मुहिम के सर्वे का कार्य जिला परिषद शिक्षकों को दिया जा रहा है. परंतु सुविधा के अभाव के चलते यह कार्य जिले के प्राथमिक शिक्षक संगठन को ना देने की मांग जिलाधिश से निवेदन के माध्यम से की है.

कोवीड 19 अंतर्गत मेरा परिवार मेरी जिम्मेदारी का कार्य शासन निर्णय में शिक्षकों को देने का उल्लेख नही है. गांव के 2 स्वयंसेवक व अन्य स्वास्थ संगठनो की सहायता लेने का उल्लेख है. परंतु यह कार्य जिला परिषद के शिक्षकों को दिए जाने के आदेश है. पहले ही कोवीड सर्वे, कंटेनमेट झोन का कार्य, क्वारन्टाईन कक्ष की देखभाल ऐसे सभी कार्य शिक्षकों के पिछे लगा दिए है. इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की शैक्षणिक कार्य की ओर अनदेखी हो रही है.

इस समय म.पुरोगामी प्राथ.शिक्षक समिति के राज्य महासचिव हरिश ससनकर, विजय भोगेकर, म.रा. प्राथ. शिक्षक समिति के अध्यक्ष कालिदास येरगुडे, ओबीसी अधिकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष श्याम लेडे, प्रहार शिक्षक संगठन के अमोल खोब्रागडे, म.रा. शिक्षक परिषद के विलास बोबडे, पुरानी पेन्शन हक्क संगठन के उमाजी कोडापे, कास्ट्राईब शिक्षक संगठन के सुनील ढोके, ओबीसी कर्मचारी असोसिएशन के उमेश कुकुडकर समेत निखिल तांबोली, मनोज बेले, होमेन्द्र मेश्राम, सुनीता इटनकर, माधुरी निंबालकर, नरेंद्र गेडाम आदि उपस्थित थे.

मुहिम का कार्य प्राथमिक शिक्षकों को ना दे

प्राथमिक शिक्षक संगठन की मांग

जिले के प्राथमिक शिक्षक संगठन ने यह कार्य शिक्षकों से निकालने, कोविड का कार्य देते समय अत्यावश्यक सुविधाओं के पुर्तता के पश्चात दिए जाने जाने की भुमीका ली है. जिसमें प्राधिकृत अधिकारी के माध्यम से प्रत्येक को स्वतंत्र आदेश दिए जाने, प्रत्येक को 50 लाख का बिमा देने का उल्लेख आदेश में करे, 50 वर्ष से अधिक विकलांग, गंभीर बिमार, स्तनदा माता, गर्भवती महिला को इस कार्य से छुट दे, मास्क सैनिटायझर व आवश्यक सुरक्षा किट हररोज मुहैय्या कराने आदि आवश्यक सूचना का विचार करने की मांग की है अन्यथा शिक्षकों के विविध संगठन ने इस मुहिम पर बहिष्कार डालने का इशारा दिया है.