Research on the effects of having corona have revealed long-term effects on one out of every 10 people even eight months after mild covid-19

मूल. एक कोरोना बाधित के संपर्क में आने से जांच के पश्चात 8 लोगों की रिपोर्ट आने के पहले ही उन्हे पाजिटिव साबित करने का मामला शनिवार को मूल तहसील में उजागर हुआ है। इस घटना से प्रशासन के खिलाफ तहसील में तीव्र असंतोष  व्यक्त किया जा रहा है। वही रिपोर्ट में निगेटिव बताये गए महिलाओं को पाजिटिव महिलाओं के कक्ष में रखे जाने से प्रशासन के कार्य तत्परता पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।  

प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल के पुराने रेलवे स्टेशन परिसर में एक महिला बाधित की रिपोर्ट पाजिटिव आयी। संबंधित महिला के परिवार व संपर्क में आए व्यक्तिओ के स्वैब लेने के बाद रिपोर्ट आने के पहले ही उन्हे पाजिटिव घोषित कर कुछ को होम क्वारन्टाईन तो दो महिलाओं को भाग्यरेखा सभागार में क्वारन्टाईन किया। परंतु शुक्रवार की रात 11 बजे के दौरान इन स्वैब लिए गए 8 नागरिकों की रिपोर्ट निगेटिव आने से प्रशासन में हडकम्प मच गया है। 

विशेष बात यह है कि, जिन 2 महिलाओं की रिपोर्ट निगेटिव आयी है उन्हे पाजिटिव महिलाओं के कक्ष में रखे जाने से प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सामने आयी है। प्रशासन की इस लापरवाही के चलते प्रशासन के खिलाफ तीव्र  असंतोष व्यक्त किया रहा है।

रिपोर्ट आने के बाद शिफ्ट दूसरे कमरे में

इस संदर्भ में नगरपालिका मुख्याधिकारी सिध्दार्थ मेश्राम ने स्वास्थ विभाग व नगर प्रशासन की लापरवाही के चलते गलती होने की जानकारी दी। घटना उजागर होने के पश्चात संबंधित निगेटिव महिलाओं को दूसरे कक्ष में शिफ्ट किया गया।