लाकडाउन की चेतावनी से दूसरे राज्य गए मजदुरों में खलबली, तेलंगाना से लौटने लगे मिर्च मजदूर

    • पहले लाकडाउन में सहन की अनेक दिक्कतें

    गोंडपिपरी: गोंडपिपरी तहसील का मुख्य व्यवसाय कृषि है. तहसील में कोई कल कारखाना अथवा उद्योग न होने से खरीब की फसल के बाद सैकडों की संख्या में मजदूर पडोसी तेलंगाना राज्य में मिर्च तुडाई के लिए जाते है. इस वर्ष हजारों मजदूर अपने परिवार के साथ गए है. किंतु महाराष्ट्र सरकार ने लाकडाउन की चेतावनी दी है. इससे मजदुरों के समाने समस्या निर्माण हो गई और आज सोमवार को दो परिवार अपने गांव लौट आए है.

    गोंडपिपरी के हजारों मजदूर गए तेलंगाना

    महाराष्ट्र तेलंगाना की सीमा पर बसे गोंडपिपरी तहसील के पोडसा में दोनों राज्य को जोडने वाला पुल है. इस मार्ग से तेलंगाना जाने वालों की संख्या अधिक होती है. महाराष्ट्र के हजारों मजदूर इस मार्ग से तेलंगाना में गए है. अब विदर्भ में कोरोना की दूसरी लहर दिखाई देने लगी है. इससे मजदुरों में खलबली मची है. क्योंकि यदि लाकडाउन घोषित हो गया तो हजारों लोग फंसकर रह जाएगे. बदलते वातावरण से रोटी, कपडा और निवास से वंचित होना पडेगा. लाडाउन की चेतावनी से अपने गांव लौटने वालों में होड मची है.

    गत वर्ष भी यहां के मजदूर गए थे. किंतु देश भर में लाकडाउन घोषित होने के बाद वापस आने में अनेकों को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ा था. अनेक मजदूर अपने छोटे छोटे बच्चों को गोद में लेकर पैदल ही निकल पडे थे. जिसमें अनेक लोग बीमार हो गए थे तो कईयों को अपनी जान तक गंवानी पडी थी. वहीं आधे से काम छोडकर आने से उन्हे मजदूरी भी नहीं मिलने वाली है इससे मजदूर चिंताग्रस्त है.

    मजदुरों को वापस नहीं छोडते किसान

    तेलंगाना राज्य में भारी पैमाने पर मिर्च की पैदावार की जाती है इसलिए सीमा वर्ती गोंडपिपरी, मूल, सावली, पोंभूर्णा, नागभीड, सिंदेवाही तहसील के मजदुरों को तेलंगाना में मिर्च तुडाई के लिए ले जाया जाता है. इसके लिए वहां के किसान अपने एक आदमी को भेजते है जो इन लोगों को किराया भाडा लगाकर ले जाता है. इस वर्ष पैसेंजर ट्रेन शुरु न होने से अनेक लोग राज्य परिवहन निगम की बस से गए तो कुछ लोग तेलंगाना से भेजे गए विशेश वाहन से गए है. किंतु तेलंगाना राज्य में इन मजदुरों को ले जाया जाता है किंतु इन्हे वापस छोडने की कोई गारंटी नहीं होती है.

    आसिफाबाद में मिर्च तुडाई कर रहे मजदूर संकल्प देवतले ने कहा कि मिर्च तुडाई का काम अधूरा छोडकर आने से मजदूरी नहीं दी जाती है. लाकडाउन घोषित हो गया तो उनके सामने बिकट परिस्थिति होगी.

    गतवर्ष अनेकों के लिए देवदूत साबित हुऐ पोडसा के सरपंच देवीदास सातपुते ने कहा कि गत वर्ष का समय न आए. सभी लोग प्रशासन द्वारा जारी किए कोरोना नियमों का पालन करें, सरकार बाहर गए मजदुरों के वापस आने की अपील कर उन्हे कुछ समय दे. आवश्यकता पडने पर इसके बाद ही लाकडाउन लागू करें.