7 दिसंबर के आंदोलन की बैठक द्वारा पूर्व तैयारी

  • विदर्भ राज्य बनने में बिजली का प्रश्न महत्वपूर्ण_ एड. चटप

चंद्रपुर. विदर्भ में बड़े पैमाने पर बिजली निर्मित होती है विदर्भ वासी नागरिक प्रदूषण का सामना कर अनेक बीमारियों का शिकार हो रहे है, स्वतंत्र राज्य निर्माण होने से बिजली निर्मिति से अच्छा खासा राजस्व प्राप्त होगा. इससे विदर्भ का विकास संभव है.इसलिए विदर्भ राज्य निर्मिति की दृष्टि से सरकार को बिजली का शॉक देना महत्वपूर्ण है. इसके लिए सात दिसंबर के आंदोलन में सम्मिलित होने का आवाहन विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के नेता पूर्व विधायक एड. वामनराव चटप ने किया.

चंद्रपुर जिले में राजुरा, कोरपना, गोंडपिपरी, जिवती तहसील में शेतकरी संगठन के बैठक का आयोजन किया गया. स्वतंत्र विदर्भ राज्य की मांग के लिए शेतकरी संगठन का सम्पूर्ण समर्थन है. 7 दिसंबर को होनेवाले आंदोलन को सफल बनाने के लिए इस बैठक में चर्चा की गई. इस बैठक में संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिवाकर मानुसमारे, प्रभाकर क्षीरसागर, बाबाजी लेनगुरे के निधन पर उन्हें श्रध्दांजलि दी गई.

कोरपना में ली गई बैठक में जिलाध्यक्ष अरूण नवले, नीलकंठ कोरांगे, बंडू राजूरकर, रमाकांत मालेकर, अविनाश मुसले, रामदास पायताडे, कवडू पिंपलशेंडे, प्रभाकर लोडे, नगरसेवक सुभाष तुरानकर, गजानन पत्रीवार, विठ्ठल दोरखंडे, नानाजी पाटिल बोरडे, पी.जी. लोडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे.

जिवती में ली गई बैठक में सैय्यद ईस्माईल, देविदास वारे, शब्बीर जागीरदार, मच्छिंद्र मानकर, श्रीपति सोडनर, राजू मडावी, तुकाराम शिडाम, मुनी परवीन, गणेश कदम, धम्मरत्न भुतके, उत्तम राठोड, नरसिंग हामने, रामेश्वर नामपल्ले, नारायण पवार, उध्दव गोतावले, रमेश पुरी, अर्जुन देवकते, शंकर निकुरे, कोनेराव आप्पा भिमनराव कोटरंगे सहित बड़ी संख्या में तहसील के कार्यकर्ता उपस्थित थे.