Grain available free or at a reduced rate to NGOs

    • गृहिणियों का बिगड़ा बजट

    चंद्रपुर. जीवन जीने के लिए जीवनावश्यक वस्तूओं का होना जरूरी है. इन जीवनावश्यक वस्तूओं में किराणा सामान जरूरी है. पिछले एक वर्ष में जिस तरह से कोरोना संक्रमण के कारण मरीजों के आंकड़ों और मृतकों की संख्या ग्राफ तेजी से बढा है उसी तरह किराणा सामान के दामों में वृध्दि है. किराणा सामान की कीमतों ने तो कोरोना के ग्राफ को पछाड़ दिया है.

    पिछले वर्ष मार्च से कोरोना संकट ने गंभीर रूप लिया है और बीच में अक्टूबर से लेकर इस वर्ष फरवरी तक कुछ स्थिति सामान्य हुई परंतु फिर से कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपाया और मरीजों और मृतकों का आंकड़ा बढता गया अब इसमें कुछ सुधार दिखाई दे रहा है. काल बन चुके कोरोना से कम से कम राहत तो मिली परंतु जीवनावश्यक वस्तूओं के दाम से पिछले एक वर्ष में जरा सी भी राहत नहीं मिल पायी है.

    रसाईघर में सबसे अहम चीज खाद्य तेल है. खाद्य तेल से ही सम्पूर्ण भोजन पकाया जाता है. पिछले एक वर्ष से डेढ वर्ष में खाद्य तेल के दामों ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए है. महंगाई कम करने का दावा कर सत्ता में आयी सरकार बेबस बनी रही. पिछले मार्च में फल्ली का तेल 150 रुपये, सूर्यफूल तेल 150 रुपये, सरसो तेल 100 रुपये, सोयाबीन 85 रुपये, पामतेल रूपये प्रतिलीटर था.

    जो कि सितंबर 2020 में फल्ली तेल 160 रुपये, सूर्यफूल 160 रूपये, सरसो 120 रूपये, सोयाबीन 120 रूपये, पामतेल 110 रूपये था. और मई 2021 में इस समय फल्ली तेल 175 रुपये, सूर्यफूल 175 रूपये, सरसो 150 रुपये, सोयाबीन 160 रूपये, पामतेल 140 रुपये प्रतिलीटर हो गया है. अब तो यह स्थिति है कि हर 15 दिनों में 10 से 20 रुपये की वृध्दि हो रही है.

    इसी तरह तूअर दाल मार्च में 80 रूपये, सितंबर में 95 रूपये और मई 2021 में 105 रुपये किलो, चना दाल मार्च 2020 में 55 रूपये, सितंबर में 60 रूपये, और मई 2021 में 65 रुपये, चावल मार्च 2020 में 40 रुपये, सितंबर में 50 रूपये मई 2021 में 60 रुपये, चीनी मार्च 2020 में 35 रुपये, सितंबर में 35  रुपये, मई 2021 में 35 रुपये किलो, गुड मार्च 2020में 35 रुपये, सितंबर में 45 रूपये, मई 2021 में 50 रुपये , बेसन मार्च 2020 में 70, सितंबर में 80 रुपये, मई 2021 में 85 रूपये किलो हो गया है.

    इस तरह से किराणा सामान के लगातार बढते दामों ने गृहिणियों का बजट बिगाड दिया है. लॉकडाऊन के कारण पूरे परिवार का समय घर में बीतने से शाम को नाश्ते का खर्च बढ गया है. पतिदेव की फरमाईश होने पर कुछ नया बनाना गृहिणियों की मजबूरी है. ऐसे में किराणा सामान के आसमान छूते दामों ने सभी गृहिणियों की चिंता बढा दी है.सरकार के प्रति गृहिणियों का नजरिया बदल रहा है.