Private doctors from Brahmapuri city refuse to serve

चंद्रपुर जिले में ब्रम्हपुरी शहर को स्वास्थ्य नगरी के रुप में पहचाना जाता है।

  • डाक्टरों के लाईसेंस रद्द कर कार्रवाई की मांग

ब्रम्हपुरी. चंद्रपुर जिले में ब्रम्हपुरी शहर को स्वास्थ्य नगरी के रुप में पहचाना जाता है। किंतु कोरोना संक्रमण के समय पर रोगियों को सेवा देने में यह स्वास्थ्य नगरी असफल साबित हो रही है। समय पर उपचार न मिलने का खामियाजा अन्य रोगियों को भुगतना पड रहा है। विस्तृत जानकारी  अनुसार गुरुवार की रात कुर्झा ग्राम निवासी महिला के ह्दय में दर्द शुरु हुआ उन्हे शहर के प्रसिध्द सर्जन के पास ले जाया गया। किंतु डाक्टर के उपस्थित न होने से उन्हे रात भर तडपते रहना पडा।

शहर के अनेक ह्दय रोग के एमडी डाक्टरों ने शाम के समय पर ओपीडी बंद कर दी है इसकी वजह से निजी हास्पिटल रोगियों को सेवा देने में असमर्थ साबित हो रहे है। गुरुवार की रात यह सब कुछ नगर परिषद के निर्माण कार्य सभापति तथा गुटनेता विलास विखार के सामने होने से इसकी जानकारी दी है। क्योंकि जब रात के समय महिला को एमडी चिकित्सकों के पास ले जाया गया तो उन्होंने रात के समय पर उपचार करने से साफ इंकार कर दिया। इसकी वजह से महिला को काफी परेशानी का सामना करना पडा।

24 घंटे आकस्मिक सेवा का औचित्य?
आम तौर पर हर निजी हास्पिटल के डाक्टरों के बोर्ड पर सुबह 10 से दोपहर 1 बजे और शाम 6 से 9 बजे तक और आकस्मित सेवा 24 घंटे लिखा होता है। किंतु गुरुवार की रात जब महिला को निजी हास्पिटल ले जाया गया तो डाक्टर ने सेवा देने से इंकार दिया। जिससे 24 घंटे आकस्मिक सेवा के बोर्ड का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। इसलिए वर्तमान समय पर रात के समय पर आवश्यक सेवा देने से इंकार करने वाले चिकित्सकों का लाईसेंस  रद्द कर कार्रवाई की मांग गुटनेता विलास विखार ने की है।