राशन किट, डब्बा प्रकरण की गूंज – महापौर ने किया वॉकआउट

  • मनपा की आमसभा में हंगामा

चंद्रपुर. आज मनपा की आमसभा में राशन किट एवं डब्बा वितरण की गूंज रही. पार्षदों द्वारा इसमें धांधली किए जाने का मुद्दा उठाए जाने से महापौर इस कदर नाराज हुई कि सभा के अंत में आभार व्यक्त करने की प्रक्रिया के पहले ही सदन से वॉकआउट कर दिया. इसी तरह विपक्षी सदस्यों ने बायो मायनिंग पेटी कान्ट्रैक्ट एक ही ठेकेदार को दिए जाने पर विरोध प्रदर्शन किया. 

लॉकडाउन के समय मनपा के माध्यम से जरूरतमंदों और गरीबों को राशन किट और डब्बा आपूर्ति का काम किया जाना था इसमें सभी पार्षदों को वितरण करना था परंतु सत्तापक्ष पर ज्यादा ही मेहरबानी दिखाने का मुद्दा पार्षद धनराज सावरकर ने उठाया. पार्षद प्रदीप देशमुख का आरोप था कि मनपा के कुल 71 पार्षदों को तकरीबन तीन से साढ़े तीन  लाख भोजन डिब्बे के वितरण का लक्ष्य था इसमें अकेले ढाई लाख डिब्बे सत्तापक्ष के पार्षदों को बांटने को दिए गए. उन्होंने इस मनपा के धन के हुए दुरूपयोग की जांच की मांग की.

विभिन्न मुद्दे उठे
सभा में मनपा के वार्षिकांक में वर्तमान पालकमंत्री का नाम और फोटो नहीं लगाने, महाराष्ट्र गुंठेवारी विकास अधिनियम के तहत भूखंडों के आरक्षण का मुद्दा, मनपा की स्कूलों के समायोजन का मुद्दा, गंजवार्ड सब्जी मार्केट में पार्किंग शुल्क लेने, डम्पिंग ग्राउंड का बायो मायनिंग के कार्य में नियमों का उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया गया.

सत्ताधारियों का निषेध
महापौर, उपमहापौर, सभापती व आयुक्त  द्वारा सभा में आभार व्यक्त किए बगैर सभागार से निकल जाने से कांग्रेस विपक्ष तथा अन्य पार्षदों ने मनपा प्रशासन व सत्ताधारियों का निषेध व्यक्त किया. इस समय डॉ. सुरेश महाकुलकार, पूर्व शहर अध्यक्ष नंदू नागरकर, सुनीता लोधिया, अमजद अली, संगीता भोयर, कल्पना लहामगे, ललिता रेवल्लीवार आदि उपस्थित थे. 

विपक्ष तथा अन्य सदस्यों द्वारा फिजुल आरोप लगाए जा रहे हैं. मनपा की निधि से मनपा की ओर से डिब्बे वितरित किए गए. विधायक मुनगंटीवार के निधि से उनके डिब्बे वितरित किए गए. फुड एंड ड्रग्स विभाग से जानकारी लेकर लिस्ट के आधार पर किट तैयार की गयी. डम्पिंग यार्ड विषय पर यह मुद्दा प्रशासन का होने की जानकारी दी. साथ ही लॉकडाउन के चलते मालमत्ता कर भरने में 31 दिसम्बर 2020 तक का समयावधि बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई.

राखी कंचर्लावार, महापौर, चंद्रपुर मनपा