Encroachment

  • सितंबर तक के लिए स्थगित हुई अतिक्रमण हटाओ मुहिम

मूल. बरसात के दिनों में रिहायशी निर्माणकार्य का अतिक्रमण हटाने से निवास करने वालों के सडक पर आने की संभावना होने से बरसात में रिहायशी अतिक्रमण न हटाने के शासन आदेश से ले आऊट के अतिक्रमण धारियों को फिलहाल राहत मिल गई है. इसलिए आज सोमवार को होने वाली अतिक्रमण हटाओ मुहिम फिलहाल सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है.

स्थानीय वाल्मिकी नगर के 324 एकड अकृषक जमीन पर मंजूर ले आऊट में लोगों के उपयोग के लिए छोडे गए 16000 वर्ग फुट ओपन स्पेस पर अनाधिकृत रुप से प्लाट निकालकर निर्माणकार्य किया गया. जनभावना का विचार कर इसके खिलाफ  पूर्व नगराध्यक्ष अरविंद बोकारे ने लोकायुक्त से फरियाद की. इस आधार पर उप लोकायुक्त डा. शर्मा ने लोगों के उपयोग के लिए छोडे ओपन स्पेस की जगह पर पक्के निर्माणकार्य को तोडकर इस जगह को अपने अधिकार में लेने के आदेश नगर परिषद को दिए थे. साथ ही गैरकानूनी कृत्य करने वाले राजस्व विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ राजस्व प्रशासन को कार्रवाई के आदेश दिए थे. इस आधार पर इस जगह को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए 29 जून की तारीख निर्धारित कर नगर परिषद ने पुलिस से सुरक्षा मांगी थी. किंतु अतिक्रमण को हटाने संबंधी शासकीय आदेश को आधार बनाकर अतिक्रमण धारकों ने नप से विनंती की इस आधार पर नगर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ मुहिम को फिलहाल स्थगित करने की चर्चा है.

शासन के नगर विकास विभाग के 23 जून 2000 के परिपत्र के आधार पर वर्षाकाल में रिहायशी निर्माणकार्य गिराने से निवास करने वालों पर खुले में रहने की नौबत आ सकती है और उन्हे भारी असुविधा होगी. किंतु बरसात का फायदा उठाकर यदि कही अनाधिकृत नया निर्माणकार्य शुरु हो तो रिहायशी और व्यवसायिक अनाधिकृत निर्माणकार्य को ढहा दिया जाये. किंतु जहां परिवार निवास कर रहे ऐसे रिहायशी अनाधिकृत निर्माणकार्य मानवता की दृष्टिकोण न ढहाने के स्पष्ट आदेश है.

पूर्व नगराध्यक्ष बोकारे की शिकायत पर दिए निर्णय के आदेश पर नगर परिषद आज सोमवार को जो अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई करने वाली थी वहां पर तीन परिवार निवास करते है. बरसात के सीजन में कार्रवाई की गई तो तीन परिवार बेहाल हो जाएंगे और यह शासकीय निर्देश का उल्लंघन होगा. संभावता इसलिए नगर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है.

पूर्व नगराध्यक्ष अरविंद बोकारे ने कहा कि नवंबर 2019 में उप लोकायुक्त ने इस अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के आदेश नगर प्रशासन को दिए थे. उस समय पर बरसात नहीं हो रही थी. यदि प्रशासन ने आदेश का पालन किया होता तो नगर प्रशासन को फिलहाल कार्रवाई स्थगित करने की शर्मिदंगी न झेलनी पडती. उन्होंने कहा कि किसी पर अन्याय करना उनकी प्रवृत्ती नहीं है किंतु जनभावना का विचार कर एक जवाबदार नागरिक होने के नाते इस समस्या का हल निकालने का प्रयास है.

नगर परिषद मूल के मुख्याधिकारी विजय सरनाईक ने कहा कि पूर्व नगराध्यक्ष बोकारे की मांग जायज है किंतु तकनीकी बाधा की वजह से अतिक्रमण हटाने में अब तक विलंब हुआ है. नगर विकास विभाग के निर्देश पर फिलहाल अतिक्रमण धारकों को राहत मिल गई है. किंतु भविष्य में अतिक्रमण हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है. इसलिए मिले समय में अतिक्रमण धारक अपने निवास की व्यवस्था कर ले.