3 माह में भोजन, नाश्ता आपूर्ति में हुई गड़बड़ी की जांच हो : देशमुख

  • मनपा को 60 लाख की चपत

चंद्रपुर. संदिग्ध कोरोना मरीजों को रखे गए इंस्टिट्यूशनल क्वारंटाइन सेंटर में भोजन नाश्ता आपूर्ति करने के काम में मनपा को पिछले 3 माह में 60 लाख की अतिरिक्त चपत लगी है. यह आरोप लगाते हुए जन विकास सेना के अध्यक्ष तथा पार्षद पप्पू देशमुख ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

अधिक दाम में दिए ठेके

उन्होंने कहा है कि, जिले में बाहरी क्षेत्रों से यहां आने वालों के साथ ही जिले के संदिग्ध कोरोना मरीजों को इंस्टिट्यूशनल क्वारंटाइन में रखा जाता है. यहां रखे जाने वाले लोगों को भोजन तथा नाश्ता देने का काम मनपा का है. उन्होंने कहा कि, मई और जून माह में यह काम जिस ठेकेदार के तरफ था उसने यह काम जिस रेट में किया था उससे कई अधिक दरों से यह काम मनपा ने पहले ठेकेदार का काम हटाकर नागपुर स्थित एक कैटरिंग कंपनी को दे दिया जिससे सिर्फ 3 माह में ही मनपा को इस काम के लिए 60 लाख रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़े है.

उन्होंने बताया कि, पुराने ठेकेदार का काम ठीक से चल रहा था, किसी की कोई शिकायत नहीं थी, बावजूद इसके जून माह में यह काम बंद कर दिया गया तथा नए सिरे से निविदा प्रक्रिया अपनाई गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि, पुराने ठेकेदार द्वारा इस निविदा प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेने के लिए उस पर राजनीतिक स्तर से दबाव डाला गया था ताकि यह काम अपनी मर्जी की कंपनी को बहाल किया जा सके.

मनपा आयुक्त ने तय किए थे दर

नए ठेकेदार को भोजन, नाश्ता, चाय, बिस्कुट, मिनरल वाटर आदि की आपूर्ति के लिए जो रेट निर्धारित किये गए वे मनपा आयुक्त द्वारा ही तय किये गए थे. यह दर पिछले ठेके के मुकाबले कई गुना अधिक थे. इस काम के लिए मनपा को मात्र 3 माह में 4.28 करोड़ रुपये का बिल कैटरिंग कंपनी को देना पड़ा है जिसमें 60 लाख की अतिरिक्त चपत मनपा को सहन करनी पड़ी है. कोरोना के इस संकटकाल में पहले ही मनपा की आर्थिक स्थिति कमजोर चल रही है उसमें भी भोजन नाश्ते के इस काम मे अनियमितता कर रुपयों का अपव्यय किया जा रहा है जो निंदाजनक है.