बाहरी राज्यों के घटिया धान की विक्री

  • अधिक रेट मिलने पर सरकार के साथ धोखाधड़ी
  • पालकमंत्री वडेट्टीवार ने दिए कार्रवाई के निर्देश

चंद्रपुर. जिले में बड़े पैमाने पर धान का उत्पादन होता है. यहां मूल,सावली, नागभीड, ब्रम्हपुरी, चिमूर के अलावा पोंभूर्णा, गोंडपिपरी आदि तहसीलों में जहां सिंचाई की व्याप सुविधा है वहां धान लिया जाता है. इसके अलावा रबी के मौसम में भी जिले के सभी तहसीलों में धान लिया जाता है. इस बार सरकार ने धान को समर्थन मूल्य के साथ साथ 700 रुपये का बोनस भी देने की घोषणा की है. सरकारी मंडियों में धान को काफी अच्छे दाम मिलता देख कुछ किसान और व्यापारी बाहरी राज्यों विशेषकर तेलंगाना, आंध्रप्रदेश का घटिया दर्जे का धान लाकर धान के समर्थन मूल्य खरीदी विक्री केन्द्र संचालकों को ही गुमराह करने में लगे हुए है. इस तरह के मामले सामने आने पर पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने संबंधितों पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए है.

प्राप्त जानकारी अनुसार तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और मध्यप्रदेश आदि क्षेत्रों से कम क्वालिटी वाला धान चंद्रपुर एवं गडचिरोली जिले में सप्लाई हुआ है. यह धान व्यापारियों द्वारा अधिक दाम मिलने के लालच में यहां लाकर बेचने का प्रयास किया जारहा है. इसके लिए स्थानीय किसानों की मदद ली जा रही है. धान उत्पादक किसानों को बरगला कर उनके द्वारा उत्पादित धान के साथ यह धान मिलाकर समर्थन मूल्य खरीदी विक्री केन्द्र में बेचा जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि इस बार अतिवृष्टि के कारण जिले के कई किसानों की फसल बर्बाद हुई है. धान फसल पर भी बेमौसम बारिश का काफी असर पड़ा है. अधिकांश किसानों का निर्धारित लक्ष्य से कम धान हुआ है. ऐसे ही धान उत्पादक किसानों के यहां कम दर्जे के धान के साथ साथ बाहरी राज्यों से सप्लाई हुए धान को बेचा जा रहा है. 

महाराष्ट्र सरकार ने इस बार धान उत्पादक किसानों के धान को अच्छा खासा समर्थन मूल्य घोषित किया है. साथ ही किसानों को 700 रुपये अतिरिक्त बोनस भी दिया जारहा है. ऐसे में धान उत्पादक किसान भी व्यापारियों के झांसे में आकर अधिक रेट मिलने के लालच में बाहरी राज्यों से आये धान को यहां उत्पादित किए जाने का दर्शाकर समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्र में बेच रहे है. 

धोखाधड़ी करनेवालों पर मामले दर्ज हो – पालकमंत्री

पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट आदेश दिए है कि इस तरह की कोई सरकार के साथ धोखाधडी कर रहा है तो उसके खिलाफ फौजदारी मामले दर्ज कर कार्रवाई की जाए, व्यापारियों और किसानों दोनों पर सख्ती से पेश आने के निर्देश उन्होने दिए है. इस तरह धान खरीदी केन्द्र पर सरकार द्वारा निर्धारित 40 किलो धान और बोरे का वजन इतने की पैमाने में धान लेने के निर्देश उन्होने दिए.

चांदा से बांदा योजना में भी गड़बड़ी

चांदा से बांदा योजना के तहत पशुसंवर्धन, उपायुक्त, कार्यालय से अनुचित कार्य करने की बड़े पैमाने पर शिकायतें प्राप्त होने से त्रिसदस्यीय समिति मार्फत संबंधितों की जांच करने के निर्देश पालकमंत्री ने बैठक में दिए. साथ ही जिले में अवैध गौण खनिज चोरी पर नियंत्रण रखने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई करने के निर्देश उन्होने उपविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस यंत्रणा को दिए.

नियोजन भवन में ली बैठक

नियोजन भवन में ली गई बैठक में पालकमंत्री ने धान एवं कपास खरीदी, चांदा से बांदा योजना, राजस्व उत्पन्न बढाने, जिला परिषद निर्माणकार्य, सिंचाई, जलापूर्ति, महिला एवं बाल कल्याण एवं वनविभाग से संदर्भ में समीक्षा की. बैठक में जिलाधिकारी अजय गुल्हाने, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल कर्डिले, मनपा आयुक्त राजेश मोहिते, जिला पुलिस अधीक्षक अरविंद सालवे, अपर जिलाधिकारी विद्युत वरखेडकर, आदिवासी विकास के प्रकल्प अधिकारी रोहन घुगे, वनविभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रवीणकुमार, नियोजन अधिकारी गजानन वायाल, सार्वजनिक निर्माणकार्य के अधीक्षक अभियंता सुषमा साखरवाडे, अधीक्षक कृषि अधिकारी उदय पाटिल, जिला उपनिबंधक ज्ञानेश्वर खाडे साथ ही संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.