Sand and soil dunes in some fields due to flood

भंडारा जिले के गोसीखुर्द बांध का पानी बिना सूचना के छोडे जाने से वैनगंगा नदी में आई बाढ़ से ब्रम्हपुरी तहसील के किन्ही गांव की नहर बी 3 फूट जाने से खेती का भारी नुकसान हुआ है।

  • 3 दिनों तक 10 फुट पानी में डूबा रहा गांव
  • अब तक प्रशासन ने नहीं ली सुध

ब्रम्हुपरी. भंडारा जिले के गोसीखुर्द बांध का पानी बिना सूचना के छोडे जाने से वैनगंगा नदी में आई बाढ़ से ब्रम्हपुरी तहसील के किन्ही गांव की नहर बी 3 फूट जाने से खेती का भारी नुकसान हुआ है। किंतु शासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया है इसलिए जिले के पालकमंत्री और मुख्यमंत्री से इस ओर ध्यान न देने पर गांव के किसानों की आंदोलन की चेतावनी दी है।

गत माह वैनगंगा नदी में पानी छोड़ने से बाढ आ गई जिससे 20 गांव को नुकसान हुआ। जानकारों के अनुसार इतनी भयंकर बाढ ढाई दशक पूर्व आई थी। किन्ही गांव तीन दिनों तक 10 फुट पानी में डूबा रहा इससे बडे पैमाने पर घर धराशायी हो गए और खेती का नुकसान हुआ है। जिन लोगों के घर जमींदोज हो गए थे उन्हे ऊंचाई वाले स्थान अथवा दूसरों के छतों का सहारा लेना पडा। बाढ से घरेलू सामान और आनाज भीग जाने से नुकसान हुआ।

गोसीखुर्द नहर के बी 3 फुट जाने से खेतों में 5 से 6 फुट तक ऊंचे रेत, मिट्टी के टीले तैयार हो गए है। जिससे खेतों ने पठार का रुप ले लिया है इससे 25 हेक्टेयर की फसल का नुकसान हुआ और वहां फिलहाल किसी फसल के पैदावार की संभावना कम है। इसलिए शासन का ध्यानाकर्षण करने कुछ मांगों का निवेदन सौंपा है। जिसमें खराब हुई जमीन शासन खरीदी करें अथवा किसानों को पर्यायी खेती दे, अन्यथा जमीन को उपजाऊ बनाकर दे, खेतों के पूर्व की स्थिति में आने तक प्रति एकड एक लाख रुपय वार्षिक नुकसान भरपाई, नुकसान ग्रस्त किसान परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, किसानों का संपूर्ण कर्जमाफ करें, घर और खेती के नुकसानग्रस्त परिवारों को घरकुल योजना का लाभ दे, शालेय शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों के शिक्षा का खर्च शासन करें और सभी किसानों को बाढ पीडित प्रमाणपत्र देने की मांग की है।

उक्त मांगों के संबंध में चर्चा के लिए  पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार से समय मांगा है। निवेदन देने वालों में समाजसेवी सुधाकर महाडोरे, कृपाकर चहांदे, सुमंत प्रधान, नरेश आंबोने, प्रकाश कुत्तरमारे, रामचंद्र मैंद, सुदाम बुल्ले, अरुण दोनाडकर आदि का समावेश है