NDRF, Telangana and Andhra

    चंद्रपुर. मानसून में संभावित बाढ स्थिति को ध्यान में रखकर नागरिकों को बचाव और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के दृष्टि से नागपुर स्थित राज्य आपदा प्रतिसाद दल की ओर से (एसडीआरएफ) प्रशिक्षण कार्यशाला ली गई. इस कार्यशाला का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से किया गया था.

    नियोजन भवन में हुई इस कार्यशाला में निवासी उपजिलाधिकारी मनोहर गव्हाड, एसडीआरएफ के पुलिस उपअधीक्षक सुरेश कराले, पुलिस उपनिरीक्षक अजय कालसर्पे, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी जितेश सुरवाडे आदि उपस्थित थे.

    इस अवसर पर गव्हाड ने कहा कि जिले में लगभग 86 गांव बाढ प्रवण क्षेत्र में है. बाढ परिस्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिसाद दल का प्रात्याक्षिक महत्वपूर्ण है. इस प्रशिक्षण में की जानकारी अपने अपने तहसील के अन्य को देने के लिए अत्यंत गंभीरता से प्रशिक्षण ले साथ ही जिन ग्रामों में बाढ परस्थिति आने की संभावना होती है.

    वहां कम से कम 10-15 नागरिकों का संपर्क क्रमांक अपने पास रखना आवश्यक है. इसके चलते नेटवर्क की समस्या निर्माण नहीं होगी. बाढ परिस्थिति में नागरिकों का जीवन बचाने एवं उन्हें सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए टीमवर्क के रूप में काम करने आवश्यकता पर बल दिया.

    इस समय एसडीआरएफ के उपअधीक्षक कराले ने कहा कि बाढ परिस्थिति में नागरिक काफी डरे हुए होते है इसलिए उनका धीरज बांधना आवश्यक है. हम आपकी मदद के लिए आये ऐसा विश्वास उनमें निर्माण करें, बाढ पीड़ित गांव के  सरपंच, पुलिस पाटिल एवं अन्य नागरिकों को साथ में लेकर मदद कार्य करें जिससे  स्थानी परिस्थिति की उन्हें अच्छी जानकारी होने से मदद कार्य में अडचन निर्माण नहीं होगी. संपर्क यंत्रणा मजबूत होना आवश्यक है.

    किसी ने मदद की याचना की तो बिना किसी तरह की देरी किए बिना ही उस परिस्थिति से संबंधितों को बाहर निकालना आवश्यक है. कोरोना के पार्श्वभूमि पर बाढ परिस्थिति का सामना करते हुए मास्क का उपयोग, सैनिटाईजर आदि का उपयोग करें, आपातकालिन किट में टार्च, बैटरी पर चलनेवाली वॉकीटाकी, खाद्य सामग्री, प्रथमोपचार किट आदि साथ होना आवश्यक होने की बात उन्होने कही.

    इस समय इको प्रो संस्था के अध्यक्ष बंडू धोतरे सहित पुलिस एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी साथ ही तहसील स्तर पर आपदा प्रबंधन अंतर्गत काम करनेवाले सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे.