लॉकडाऊन हटाने को लेकर सुगबुगाहट, सरकार और 15 दिन लॉकडाऊन बढाने के पक्ष में

    • व्यापारियों और अन्य का विरोध

    चंद्रपुर. राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को देखते हुए जिले में 21 अप्रैल से लॉकडाऊन लगाया गया है. और इसमें बीच में रियायत देकर जीवनावश्यक वस्तुओं की दुकानें सुबह 7बजे से 11 बजे तक शुरू रखने का आदेश दिया. यह स्थिति 1 जून तक कायम रहेगी परंतु इसके बाद सरकार क्या निर्णय लेती है इस ओर सभी की निगाहें टिकी हुई है. 

    राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या और मृत्युदर को देखते हुए राज्य सरकार 1 जून को लॉकडाऊन पर निर्णय लेगी. जिस तरह के संकेत मिल रहे है उससे स्पष्ट है कि जिन क्षेत्रों में कोरोना की स्थिति गंभीर बनी हुई है उन जिलों को राज्य सरकार ने रेड जोन में रखा और इन रेड जोन वाले जिलों में लॉकडाऊन को और सख्त बनाया जाएगा.

    वहीं जहां कोरोना का ग्राफ तेजी से नीचे आया उसे जिलों को ग्रीन जिले के रूप में देखा जा  रहा है वहां पूरी तरह से लॉकडाऊन हटाने के बजाय दी रियायत को और शिथिल किया जाएगा. जहां तक चंद्रपुर जिले का सवाल है. यहां कोरोना की स्थिति सामान्य होने से लोगों में काफी राहत है. अब सभी की निगाहें लॉकडाऊन शिथिल होने पर लगी है. लॉकडाऊन के संदर्भ में आज सोमवार को सरकार निर्णय लेगी और इस ओर सभी की निगाहें टिकी हुई.

    पिछले 21 अप्रैल से कोरोना की दूसरी लहर की घातक स्थिति को देखते हुए लॉकडाऊन लगाया गया है. इस दौरान बीच में ऐसी स्थिति आ गई थी कि रोजाना डेढ हजार से अधिक कोरोना मरीज मिल रहे थे और 30 से 40 लोगों की प्रतिदिन मौतें हो रही थी. अस्पतालों में मरीजों को बेड मिलना मुश्किल हो गया था. ऑक्सीजन बेड के लिए लोग तरस रहे थे. समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से कई मरीजों ने कोरोना केन्द्रों के सामने दम तोड़ दिया. एक एक सांस की कीमत क्या होती है यह लोगों को उस समय समझ में आया.

    श्मशान घाट में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लाशें जल रही थी. और पार्थिव पर अंतिम संस्कार कराने के लिए तक लम्बी प्रतीक्षा करने की नौबत आ गई है. कोरोना की भयावह स्थिति ऐसी कभी नहीं देखी. सभी इस स्थिति से भयाक्रांत हो गए थे. अब तक 60 से अधिक आयु के वृध्दों की कोरोना से मौत हो रही थी. परंतु इस दूसरी लहर के मध्य में लोगों ने अपने घर के आधार को खोया. 12साल की बच्ची, 18 वर्ष का युवक और 30 से 45 साल के घर के आधार को लोगों ने खोया.

    परंतु अब कोरोना की स्थिति में काफी सुधार होता नजर आ रहा है. जहां एक ओर कोरोना के रोजाना मिल रहे मरीजों की संख्या में कमी हुई है.मृत्युदर भी लगभग कम होने को है. इस सुखद स्थिति ने चंद्रपुर जिले के लोगों में लॉकडाऊन उठने की उम्मीदें जगायी है. पिछले 21 अप्रैल से उद्योग धंधे ठप, धार्मिक स्थल बंद होने के कारण लोग जिस परेशानी से गुजर रहे है उसे देखते हुए सभी चाहते है कि यह लॉकडाऊन उठे और उनकी रोजाना की जीवनचर्या सामान्य हो.