Fertilizer
File Photo

    चंद्रपुर. मानसून शुरू होते ही किसान खेती कार्य में जुट जाते हैं. बीज खरीदी को जोर पकड़ा है. लेकिन बाजार में बोगस बीजों की बड़े पैमाने में बिक्री होने से किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है. पिछले वर्ष बोगस बीजों की बिक्री के कारण किसानों को आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ा.

    इस बार किसानों से बोगस बीजों की बिक्री करने वाले कृषि केंद्र विक्रेताओं पर कार्रवाई करने की मांग अन्नदाता एकता मंच ने ज्ञापन के माध्यम से कृषि मंत्री दादा भुसे समक्ष ज्ञापन के माध्यम से की है.

    किसानों को होता है आर्थिक नुकसान

    ज्ञापन में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के बीच तथा किसानों की अज्ञानता का लाभ उठाते हुए बोगस सोयाबीन बीज व कपास बीजों की बिक्री की जाती है. कई बार इन बोगस बीजों के कारण फसल नहीं उगती. यदि फसल उग भी जाए, तो उस पर कीटक व बीमारी का प्रभाव अधिक बढ़ जाता है. कई बार बीजों की कमी बताकर कृषि केंद्र चालक बेभाव बीजों को बेचा करते हैं. जिसके कारण किसानों को आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है.

    वहीं प्रकार इस बार भी न करना पड़े इसलिए बोगस बीजों की बिक्री करने वालों पर अंकुश लगाने तथा कीटकनाशकों की कीमत निश्चित कर किसानों को कम दामों में उपलब्ध कराने की मांग की गई. साथ ही जिले में विशेष दल बनाकर कार्रवाई शुरू करने की मांग अन्नदाता एकता मंच ने की है. इस संदर्भ में कृषि मंत्री दादा भुसे, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल, पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार, जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया.