मरणासन्न सीमेंट कंपनी पुन: होगी शुरू

  • आर्थिक संकट में डालमिया ग्रुप का साहसिक कदम
  • कई युवाओं में जागी रोजगार की आस

गड़चांदूर. कोरोना ने ना केवल भारत बल्कि अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, जर्मनी जैसे विकसित देश के अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी. निजी सेक्टर में तो बड़े पैमाने पर कर्मियों की छंटनी शुरू है. देश में कई क्षेत्रों में हजारों लोग नौकरियां गंवा चुके है और रोजगार पर इसका काफी गहरा असर हुआ है. इतनी भीषण आर्थिक संकट के बीच दालमिया ग्रुप ने साहसिक कदम उठाते हुए यहां मरणासन्न हो चुकी सीमेंट कंपनी को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया है और उसका काम युध्दस्तर पर शुरूहै.इससे यहां रोजगार की आस में जी रहे हजारों युवाओं के लिए भी रोजगार की आस जागी है.

डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड (डीसीबीएल) देश की शीर्ष चार सीमेंट उत्पादक कंपनियों में से एक है.सितंबर 2009 में एनसीएलटी प्रक्रिया द्वारा बंद कर दी गई मुरली इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी को दालमिया ग्रुप ने खरीदा है. वर्तमान में आर्थिक मंदी और कोविड19 संकट के समय दालमिया ग्रुप ने मुरली इंडस्ट्रीज लिमिटेड बंद पड़ी सीमेंट कंपनी को पुनर्जीवित करने का साहसिक कदम उठाया है. यह प्रकल्प इस समय कबाड स्थिति में है, पिछले पांच वर्षों से पूरी तरह से बंद पड़ी हुई है. यूनिट को फिर से स्थापित करने के लिए 900 करोड़ का निवेश का बजट बनाया गया है. 

मुरली इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पुनरूत्थान के चलते आसपास के गांव में स्थायी एवं अस्थायी ऐसे दोनों प्रकार के नौकरी के अवसर उपलब्ध होगे. इसके साथ टैक्स एवं रायल्टी द्वारा सरकार को राजस्व प्राप्त होगा. डालमिया ग्रुप ने स्थानीय मानवसंसाधन और संसाधन के उपयोग पर हमेशा प्राथमिकता दी है. इसलिए परिवहन, साहित्य आपूर्ति, कार्यशाला आदि विभिन्न सेवा के लिए उत्पन्न के अवसर प्राप्त होगे. इसके चलते भविष्य में सीएसआर के विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से अविकसित क्षेत्र के समुदाय का विकास होगा. पुनरूजीवन अर्थव्यवस्था, सरकार और उद्योजकों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश दिया है.

डालमिया ग्रुप में पिछले 80वर्षों से विश्वसनीय एवं प्रतिष्ठित उद्योग समूह में से एक है. सीमेंट, रेफ्रेक्टरीज, चीनी जैसे क्षेत्र में नेतृत्व कर रहा है. 13 स्थानों पर फैले उद्योग की भारत के प्रथम चार सीमेंट उत्पादक कंपनियों में से एक है.