20 प्रश सोयाबीन पर खोड़मक्खी का असर, कपास पर मावा कीड़े ने बोला धावा

    चंद्रपुर. कोई भी संकट किसानों का पीछा नहीं छोड़ रहा है. बारिश नहीं होने के कारण फसल बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा था. अब फसल अंकुरित भी नहीं हो पाई है, तो इस पर कीड़ों का खतरा सताने लगा है. जिले में 20 प्रश सोयाबीन फसल खोड़मक्खी के संक्रमण में है. वहीं कपास पर मावा रोग लगने का खतरा है. सोयाबीन उत्पादक किसानों को इस वर्ष नुकसान होने की संभावना नजर आ रही है. कृषि विभाग ने किसानों को तुंरत प्रतिबंधात्मक उपाय करने की सलाह दी है.

    पत्ते पड़ने लगे पीले

    जिले में औसतन 74,300 हेक्टेयर पर सोयाबीन की फसल होनी है. इसमें से अब तक 54,551 हेक्टेयर पर (73.41 प्रश) रोपण हुआ है. वरोरा, भद्रावती, राजुरा, कोरपना, जिवती एवं गोंडपिपरी तहसील में इस बार सोयाबीन फसल अधिक प्रमाण में ली गई है. वर्तमान में फसल के अंकुरित हुए 20 से 25 दिन हो गए हैं. कुछ क्षेत्रों में 5 से 6 इंच से अधिक प्रमाण में फसल ने ग्रोथ की है. 20 दिन पूर्व अंकुरित हुई फसल के पत्ते पीले पड़ने लगे है. यह कृषि विभाग के निरीक्षण में सामने आया है.

    जिले में साधारणत: 20 प्रश सोयाबीन फसल पर खोड़मक्खी का संक्रमण सामने आया है. राजुरा, भद्रावती, वरोरा और गोंडपिपरी तहसील में 15 प्रश संक्रमण हुआ है. किसान इस पर विशेष ध्यान दें. यह सलाह कृषि विभाग ने दी है. जिले में कपास का औसतन क्षेत्र 1 लाख 60 हजार 600 हेक्टेयर है. इस क्षेत्र पर शतप्रतिशत बुआई हो चुकी है.

    किंतु कुछ जगहों पर मावा कीड़े का प्रभाव है. 25,294 हेक्टेयर पर तुअर लगाई गई है. वहीं 1 लाख 71 हजार  600 हेक्टेयर क्षेत्र में धान फसल का है. पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की रोपाई का काम केवल 8.7 प्रश हो पाया है.