लाकडाऊन समयावधि बढाने पर आम जनता, व्यापारी चिंतीत

    • रूके हुए कार्य कब होंगे पूर्ण  

    चंद्रपुर. राज्य के कई जिलों में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की संख्या में थोडी वृध्दी होने के चलते फिलहाल लाकडाऊन 15 जून तक बढा दिया गया है. परंतु कोरोना को लेकर जिला स्तर पर समिक्षा करके कुछ जगहों पर प्रतिबंधों को अधिक सख्त करना या छुट देना इसका निर्णय स्थानिय प्रशासन अर्थात जिलाधिश पर छोडा गया है.

    परंतु लगातार बढाए जा रहे लाकडाऊन के चलते व्यापारी वर्ग अब त्रस्त होते दिखाई दे रहे है. वही आम नागरीकों ने भी अनलाक करने की अपील की है. कुछ व्यापारी लाकडाऊन में अन्य दूकानों को दिन अथवा समय निर्धारित करने की मांग कर रहे है. 

    आंशिक रूप से खुला करे -प्रियांश लोढीया, सराफा व्यापारी

    पुरूषोत्तम ज्वेलर्स के संचालक प्रियांश लोढीया के मुताबिक, सभी व्यवसायों के लिए जिवित रहना बहुत ही कठीन हो गया है. क्योंकी 365 दिनेां में से 75 दिन लाकडाऊन में गए है. जिसका अर्थ यह है कि पूरे वित्तीय वर्ष का 20 प्रश कारोबार चला गया है. सरकार ने अन्य व्यवसाय को जिवित रखने के लिए आंशिक रूप से कुछ समय के लिए सभी दूकानें खुली करने की अनुमती प्रदान करनी चाहिए. ताकि किसी का रोजगार ना डुबे. 

    व्यापार पटरी पर लाना मुश्किला होगा- अभिषेक बजाज 

    श्री कलेक्शन के संचालक अभीषेक बजाज के मुताबिक, व्यापारियों की तकलीफ इतनी बढ़ गई है की वो ना रो सकता ना कुछ कर सकता. अगर ये लाकडाऊन 15 दिन और बढ़ गया. तो बहोत से व्यापारी पिछले वर्ष की तरह इस साल भी बहोत नुकसान में रहेंगे. कपड़ा ऐसा व्यापार है जहां फालतु की भीड़ बिल्कुल नही रहती.

    सभी व्यापारी ने इस वर्ष कम उमीद की थी की व्यापारी में सुधारना होगी. इस वर्ष स्टॉक भी अच्छा भरा था पर अब जो स्टॉक भरा है. उसका पेमेंट, सैलरी का नुकसान, दुकान का भाड़ा कहा से देंगे. व्यापारियों की समस्या समझ न पड़ेगा नही तोह बहोत तकलीफ होंगी और  व्यापारी को फिर से पटरी पे लाना बहोत समय लग जायेगा. 

    सरकार को नही व्यापारीयों की चिंता- आनंद 

    आनंद ड्रेसेस के संचालक आनंद ने बताया कि, सरकार ने व्यापारीयों के व्यवसाय के बारे में कुछ नियोजन नही किया है. आज करिबन 2 महीनों से सभी व्यापारीयेां की हालत के बारे में ठाकरे सरकार ने 45 मीनट के भाषण में जिक्र नही किया. व्यापारीयों को केवल अपना ही घर नही चलाना पडता बल्की दूकान में काम करनेवाले कामगारों का परिवार चलाना पडता है. सरकार के इस निर्णय से व्यापारीयों की कोई चिंता नही है ऐसा प्रतित होता है. 

    दो महीनों संपूर्ण कारोबार चौपट- अमित पडगेलवार

    प्रगति कैटरर्स के संचालक अमित पडगेलवार के मुताबिक कोरोना के चलते संपूर्ण कैटरर्स का कारोबार पूरी तरह से चौपट हुआ है. कैटरर्स में कार्यरत कामगारों के वेतन करना मुश्किल हो रहा है. करोडों के कारोबार पर असर हो रहा है. 

    गरिब व व्यापारीयों को नूकसान – देवेंद्र बेले, पार्षद 

    केवल लाकडाऊन का समयावधि बढाकर केवल वित्तीय चक्र रोककर गरिब व व्यापारीयों को नुकसान होगा. गरिब मजदूर वर्ग एक हाथ पर कमाना व एक हाथ पर खाना ऐसा उनका निर्वाह होता है परंतु सरकार को गरीबों को चिंता नही है. इस लाकडाऊन से गरिब व व्यापारीयों को काफी नुकसान पहुच रहा है.  

    आम जनता की बढी परेशानी – अनिता सेन गुप्ता, घरेलु महीला 

    आम महीला नागरीक अनिता सेन गुप्ता के मुताबिक, पिछले 2 महीनों से गरीब व आम जनता जैसे तैसे पैसों का जुगाड कर स्वयं का निर्वाह कर रहा है. ऐसे में लाकडाऊन का समयावधि बढाए जाने पर कई समस्या उत्पन्न होगी. गरीब व आम जनता को रोजगार बंद होने से बिजली बिल, पानी बिल, स्कूल फिस देने की में दिक्कत हो रही है. सरकार ने लाकडाऊन बढाने पर पुन: विचार करना चाहिए. 

    सभी दूकाने खूली करने की दे अनुमती -रामु तिवारी 

    कांग्रेस शहर अध्यक्ष रामु तिवारी के मुताबिक, पिछले 2 महीनों से लाकडाऊन से जनता त्रस्त है. लोग के घर में सामानों की आवश्यकता है परंतु दूकाने बंद रहने से वह खरीद नही पा रहे है. केवल आवश्यक दूकाने खुली रखी है. सरकार के सभी दूकानों को दिन तथा समय निर्धारित करा देना चाहिए. ताकि सबका व्यवसाय शुरू रहे. सभी परिवार का निर्वाह कर सके.