…तो कृषि केंद्रों का लाइसेंस होगा निलंबित, अधिक कीमत पर खाद बेचने वालों को दी चेतावनी

    चिमूर . जून महीने में औसत से अधिक बरसात होने से किसान खरीफ मौसम की बुआई में जुटा है. तहसील में प्रमुख रूप से कपास, धान, सोयाबीन और अन्य फसलों की बुआई की जाती है. फसलों को खाद की आवश्यकता होती है. तहसील के कछ दूकानदार द्वारा अधिक कीमत में खाद बेचने की जानकारी मिली है. ऐसा करने वाले कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित करने की चेतावनी पं.स. के कृषि अधिकारी सरोज सहारे ने दी है.

    बढ़ गई है खाद की मांग

    जिले में जून महीने में औसतन 183.5 मिमी बरसात होती है. किंतु 1 से 30 जून के बीच 251.3 मिमी बरसात दर्ज की गई है. इसकी वजह से तेजी से बुआई हो रही है. यही कारण है कि अब खाद की मांग बढ़ गई है. किसानों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो इसके लिए सरकार ने विभिन्न कंपनियों द्वारा तैयार किए जाने वाले रासायनिक खादों के कीमत निर्धारित किए हैं और उसी कीमत में किनानों को खाद बेचना है. साथ ही खाद विक्रेता के पास ई-पाश मशीन द्वारा खाद बिक्री की रसीद देनी है.

    जिसे किसानों को सहेज कर रखना है. खाद में मिलावट की संभावना को देखते हुए पैकेट सील बंद खाद ही किसान लें. यदि किसी पैकेट पर शंका होती है, तो पंचायत समिति के कृषि अधिकारी अथवा तहसील कृषि अधिकारी से शिकायत कर करने की अपील पंस के कृषि अधिकारी सहारे ने की है.

    तहसील कृषि अधिकारी ज्ञानदेव तिखे ने नेरी परिसर के कृषि केंद्र की जांच की. कृषि केंद्र में कुछ त्रुटियां पाई गई. उसे पूरा करने के लिए 2 दिनों का समय दिया है. 2 दिनों में त्रुटियां पूरी नहीं की, तो खाद नियंत्रण आदेश के अनुसार कृषि केंद्र के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है.