उमेद व सामुदायिक कैडर को बेमियादी कामबंद आंदोलन

मूल. महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जिवनोन्नती अभीयान अंतर्गत केंद्र पुरस्कृत उमेद अभियान में किसी भी प्रकार का बदलाव ना करने की मांग तथा कर्मचारी सेवा का नीजिकरण करने का विरोध दर्शाने हेतु मूल तहसील के उमेद के कर्मचारीयों ने मूल पंस के मैदान में 5 नवम्बर से बेमीयादी कामबंद आंदोलन शुरू किया है. जो अभीतक चल रहा है.   

17.44 लाख परिवारों के निर्वाह का साधन

संविधानात्मक प्रावधान अनुसार अनूसुचित जाति, जनजाति, घुमंतक प्रवर्ग, विकलांग व निराधार तथा वंचित घटकों में सामाजिक व आर्थिक समानता निर्माण करने का महत्वपूर्ण कार्य अभीयान के माध्यम से शुरू था. पिछले 9 वर्ष से अभीयान के माध्यम से राज्य में 4,78,000 समुह, 20,311 ग्रामसंघ, 711 प्रभाग संघ स्थापित हुए. अभीयान के माध्यम से 17,44,000 परिवार का निर्वाह हो रहा था. 

सरकारी निर्णय से अभीयान नष्ट होने का भय

10 सितम्बर 2020 को सरकार ने पिछले कई वर्ष से ठेका तरीके से काम कर रहे कंत्राटी कर्मचारीयों को पुनर्नियुक्ति ना करने निर्णय लिया है. सरकार के इस निर्णय से पिछले 9 वर्ष से मेहनत कर रहे स्वयं सहायता समुह, ग्रामसंघ, प्रभाग संघ नष्ट होने का भय कर्मचारी तथा महिला गुटों में निर्माण हुआ है. महिलाओं के गट की रक्षा कर इस अभीयान को हमेशा के लिए शुरू रखने तथा बाह्यसंस्था का समावेश ना करने के लिए इसके पहले मुक मोर्चा निकाला था. परंतु राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का उचित निर्णय नही लिए जाने से चंद्रपुर जिले व मूल तहसील के सभी कैडर व उमेद कर्मचारीयों ने 5 नवम्बर 2020 से बेमीयादी कामबंद आंदोलन शुरू किया है. जो अबतक चलने की जानकारी पत्रपरिषद में उमेद महिला कर्मचारी व महिला गुट के सदस्यों ने दी है. 

बेमीयादी आंदोलन में तहसील अभियान प्रबंधक मूल के माया सुमटकर प्रकाश तुरणकर, निलेश जीवनकर, जयश्री कामडी, स्नेहल मडावी, वसीम काझी, अमर रंगारी, हेमचंद बोरकर, रुपेश आदेश, मयुर गड्डमवार सहभागी है. 

तो पत्र परिषद में उमेद में कार्यरत महीला पदाधिकारी स्वाती अयनवार, ज्योती कन्नाके,  सारिका भसारकर, अर्चना बल्लावार, नीलिमा कोवले वासेरा, भावना उमरे, सरोज चन्नावार, मीना भसारकर, कविता गंगासागर आदी कर्मचारी उपस्थित थे.