बाघों को बचायेगे गांव के युवा, जिले भर में पीआरटी की मांग

  • मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की घटनाएं रोकने के लिए गठित

चंद्रपुर. जिले भर में मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की स्थिति बढती जा रही है. इस परिस्थिति को संभालने के लिए गांव के युवाओं के सहयोग से बनाई गई प्रायमरी रिस्पान्स टीम (पीआरटी)को अब पूरे जिले भर में लागू करने की मांग उठ रही है. यह व्यवस्था मानव-वन्यजीव संघर्ष के लिए चर्चित ब्रम्हपुरी में विगत तीन वर्षों से लागू है जिसके चलते यहां मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर अंकुश लगा है.

उल्लेखनीय है कि ब्रम्हपुरी वनविभाग अंतर्गत मानव-वन्यजीव संघर्ष अपने चरम पहुंच चुका था. यहा आयेदिन हिंसक प्राणी के हमले में ग्रामीण की मौत की खबरें अखबारों की सुर्खियां बन रही थी. मानव-वन्यजीव संघर्ष कम हो, किसी तरह की कोई अनहोनी घटना, इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय लोगों का भी सहयोग मिले इस दृष्टि से ब्रम्हपुरी वनविभाग ने 2017 से मानव-वन्यजीव संघर्ष के दृष्टि से अतिसंवेदनशील 100 ग्रामों में उन्हीं गांव के पांच-पांच युवकों का चयन कर प्राथमिक कृति दल प्रायमरी रिस्पांन्स टीम (पीआरटी) तैयार किया है. इसके चलते वन्यप्राणियों के विषय में विशेषकर बाघ संरक्षण में वनविभाग को इन युवकों का साथ मिल रहा है.

पीआरटी सदस्यो को ड्रेसकोड दिया गया है. उन्हें यूनिफार्म और आवश्यक सामग्री दी गई है. गांव में किसी भी वन्यप्राणी के संबंध में कोई घटना घटित है तो वनकर्मियों के घटना स्थल से पहुंचने से पूर्व किस तरह के प्राथमिक कदम उठाये जाने चाहिए इसका प्रशिक्षण वनविभाग के सहायता से इको प्रो संस्था के बंडू धोतरे द्वारा दिया गया है. पीआरटी सदस्यों को मानव वन्यप्राण संघर्ष निवारण कार्य के लिए किसी तरह का पारिश्रामिक नहीं दिया जाता था. यह युवक स्वैच्छा से ही गांव में मानव-वन्यप्राणी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए निस्वार्थ रूप से अपनी सेवा दे रहे है.

ताड़ोबा के पीआरटी को मानधन

पिछले दो वर्षों में ताड़ोबा-बफर क्षेत्र के गांव में भी पीआरटी का गठन किया गया है. बफर वनक्षेत्र के गांवों में भी उचित तरीके से टीम का कार्य शुरू है. युवाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये मानधन दिया जाता था. इसे बढाकर अब 1200 रुपये करदिया गया है. इस मानधन से उन्हें और प्रोत्सहन मिल रहा है. वनक्षेत्र में सकारातमक प्रयास दिखाई दे रहे है. केवल ताड़ोबा बफर अंतर्गत व्याघ्र फाऊंडेशन द्वारा मानधन दिया जा रहा है.

सभी को मानधन दिया जाए – धोतरे

इको प्रो संस्था के संस्थापक, मानद वन्यजीव रक्षक बंडू धोतरे का कहना है कि ब्रम्हपुरी वनविभाग के युवाओं को भी ताड़ोबा-बफर के तर्ज पर कम से कम एक हजार रुपये प्रतिमाह मानधन देने के लिए जिला विकास एवं नियोजन निधि में प्रावधान किया गया तो ब्रम्हपुरी जैसे सर्वाधिक वन्यप्राणी संघर्ष वाले वनव्याप्त एवं वनों से सटे गांव में स्थानीय युवकों को सहयोग करने में कठिन समय में आसानी होगी .इस बारे में सकारात्मक निर्णय लिया जाने की मांग उन्होने पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार से की है.