विराआंस ने जलाई नागपुर करार एवं बिजली बिलों की होली

  • विदर्भ पर हो रहे अन्याय का किया विरोध

चंद्रपुर. विदर्भ को महाराष्ट्र में शामिल कर नागपुर करार का पालन नहीं करते हुए विदर्भ पर अन्याय किया जा रहा है। विदर्भ जमीन, खनिज, जंगल से परिपूर्ण होते हुए भी विदर्भ का बड़े पैमाने पर शोषण हुआ है। अब स्वतंत्र विदर्भ ही एकमात्र विकल्प है। विदर्भ के अन्याय के विरोध में 60 वर्ष पूर्व आज ही के दिन 28  सितंबर को तैयार किए गए नागपुर करार और बिजली बिलों की होली जला कर विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने अपना निषेध प्रदर्शन किया।

इस दौरान विदर्भ के सभी ग्यारह जिलों में एवं अलग अलग तहसीलों में आज सोमवार की दोपहर एक बजे शहीद भगतसिंह के जयंती दिन चंद्रपुर के डा. बाबासाहब आंबेडकर पुतले के पास बिजली बिलों की होली जलाकर विदर्भ के मांग को लेकर तीव्र आंदोलन का संकल्प लिया। साथ नागपुर करार का पालन न कर विदर्भ पर किये जा रहे अन्याय के खिलाफ आज प्रदर्शन किया।

इस आंदोलन का नेतृत्व में विदर्भ राज्य आंदोलन समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक अधि. वामनराव चटप, पूर्व राज्यमंत्री डा. रमेश गजबे, जिलाध्यक्ष किशोर पोतनवार, नितीन भागवत, कपिल इद्दे, हिराचंद बोरकुटे, निलकंठराव कोरांगे, अरूण पाटिल नवले, सुधीर सातपुते, दिवाकर मानुसमारे, गोपी मित्रा, मधुकर चिंचोलकर, श्रीनिवास मुसले, रमाकांत मालेकर, बलिराम खुजे, कवडू पाटील पोटे, नाना पोटे, शेषराव बोन्डे, नथमल सोनी, बंडू देठे, दिकोंडावार, किशोर दहेकर, पौर्णिमा निरांजने, रमेश नले, नरेंद्र काकडे, कवडू येनप्रेडीवार, बंडू राजूरकर, उद्धवराव निब्रड, सुरज गव्हाणे आदि ने किया।