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    चंद्रपुर. कोरेाना संक्रमण के दौरान लाकडाऊन की घोषणा की गई. इस दौरान कई मजदुर व कर्मचारी बाहरगांव फंसे थे. उन्हे वापस घर पहुचाने हेतु रापनी ने सहायता का हाथ आगे बढाते हुए विशेष बस फेरी शुरू की. जिले में रापनी के कुल 1600 चालक, मालक, मेकानिक में से कर्तव्य निभा रहे जिले के कुल 302 चालक, मेकैनिक व वाहकों को कोरोना योध्दा के तौर पर 300 रूपए प्रोत्साहन देने की घोषणा रापनी ने की थी. पिछले डेढ वर्ष से अबतक प्रोत्साहन भत्ता नही मिलने से चालक वाहन व मेकानिक भत्ता मिलने की प्रतिक्षा में है. 

    कोरोना संक्रमण के दौरान लाकडाऊन में कई बस चालक वाहक ने शासकीय कर्मचारी, वैद्यकीय कर्मचारी, अत्यावश्यक सेवा के कर्मचारीयों की आवाजाही के लिए कोरेाना योध्दा में आनेवाले बस चालक वाहक को प्रोत्साहन भत्ता दिए जाने की योजना महाराष्ट्र राज्य परिवहन मंडल ने शुरू की थी. इस निर्णय का सभी कर्मचारी, चालक व वाहकों ने स्वागत किया.

    लाकडाऊन में चंद्रपुर शहर से कई एसटी बस में से परराज्य से जानेवाले हजारों श्रमीकों के लिए छोडी गई थी. बस पर कार्यरत चालक व वाहक को 300 रूपए की प्रोत्साहन भत्ता देने की मांग एसटी कर्मचारी संगठन ने की थी. परंतु अबतक इन कर्मचारीयेां को प्रोत्साहन भत्ता नही दिया गया. चंद्रपुर से करिबन 151 एसटी बस दूसरे राज्य में भेजी गई.

    कुछ वाहक चालक पाजिटीव 

    कोरोना संक्रमण में रापनी द्वारा छोटे गए बसफेरीयों में कई चालक व वाहको ने इमानदारी से कर्तव्य निभाया. जिसमें कुछ वाहन चालक पाजिटीव पाए गए. परंतु अबतक उन्हे भत्ता नही दिए जाने से वह प्रतिक्षा में है. कोरेाना काल के दौरान चंद्रपुर जिले से दूसरे राज्य में 151 बसेस की आवाजाही शुरू रही. जिसमें 151 बस चालकों व 151 वाहकों ने लाकडऊन काल में सेवा दी. 

    महाराष्ट्र एसटी कामगार संगठन के विभागीय सचिव दत्ता बावने के मुताबिक, कोरोना लाकडाऊन में सेवा देनेवालों को प्रोत्साहन भत्ता देने का निर्णय महामंडल ने लिया था. जिले के बाहर माल यातायात करनेवाले कर्मचारीयेां को प्रोत्साहन भत्ता दिए जाने की मांग की थी. परंतु अभी तक कर्मचारीयेां को प्रोत्साहन भत्ता नही दिए जाने से भत्ता की प्रतिक्षा में है. अन्यथा एसटी कर्मचारी संगठन द्वारा आंदोलन किया जायेगा.