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  • एक ही मंडप पर दो प्रेमिकाओं संग रचाई शादी

बस्तर. शादी तो खैर सभी की होती है पर क्या आपने ऐसा कुछ सुना है कि दूल्हा एक, शादी का मंडप एक लेकिन दुल्हन दो। कुछ ऐसा ही हुआ छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर (Bastar) में जहाँ एक शादी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। दरअसल यहाँ के एक लड़के चंदू (Chandu) ने एक ही मंडप के नीचे अपनी दोनों प्रेमिकाओं से शादी (Marriage) कर ली है। यह लड़का अपनी दोनों प्रेमिकाओं से लंबे समय से रिलेशनशिप में था। यह शादी बीते तीन जनवरी को संपन्न हुई, जिसमें गांव के कई लोग भी शामिल हुए थे।  

दरअसल युवक चंदू (Chandu) के अनुसार उक्त दोनों लड़कियां ही उससे खूब प्यार करती थीं। इसलिए वो इनमे से किसी को भी धोखा नहीं देना चाहता था। चंदू ने बताया कि करीब 3 साल पहले वो तोकापाल इलाके में बिजली के खंबे गाड़ने के काम पर गया था। वहां उसकी मुलाकात 21 साल की ‘सुंदरी कश्यप’ (Sundari) से हुई और दोनों एक दूसरे से प्रेम करने लगे। फिर फोन पर बातचीत शुरू हुई और शादी की योजनाएं बनने लगी।  

 

वहीं अब इस रिश्ते के एक साल बाद चंदू के गांव में ही  20 साल की ‘हसीना बघेल’ (Haseena Baghel) अपने किसी रिश्तेदार की शादी में आईं थी । यहाँ दोनों ने एक दूसरे को देखा और प्यार हो गया। यहाँ एक बार फिर चंदू प्यार में गिरफ्तार हुआ। इसके बाद इन दोनों ने ही एक-दूसरे से प्यार का इजहार किया और चंदू ने बताया कि वो तो पहले से ही किसी के साथ प्यार में हैं। लेकिन इससे हसीना को भी कोई ऐतराज नहीं था। 

इसके बाद चंदू ने एक दिन हसीना और सुंदरी की एक दूसरे जान पहचान करवाई। अब तो दोनों को ही उसके साथ रिश्ता रखने में कोई दिक्कत नहीं थी। लेकिन जब सुंदरी को यह पता चला कि हसीना चंदू के साथ घर पर रहने लगी है, तो वो भी उसके घर आकर रहने लगी। इसके बाद से ही यह तीनों एक सुखी परिवार की तरह घर में रहने लगे हैं। 

लेकिन चंदू के इस प्रकार दोनों लड़कियों के साथ रहने से गाँव में हर कोई सवाल करने लगा। लिहाजा गांव वालों ने ही मिलकर एक ही मंडप में इन तीनों की शादी कर दी। जिसमें बड़ी संख्या में लोग आए और उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। 

जहाँ इस शादी में तो हसीना के परिजन शामिल हुए थे। वहीं  सुंदरी के घर से कोई नहीं आया था। लेकिन सुंदरी इसी आशा में है कि देर-सबेर उसके परिजन भी इस शादी के लिए मान ही जाएंगे। गौरतलब है कि हिंदू मैरिज एक्ट के तहत ये शादी पूरी तरह अमान्य है। लेकिन आदिवासी संस्कृति में तो ऐसी शादी को मान्यता है। अब देखना यह है कि चंदू कैसे इन दोनों महिलायों के साथ सामंजस्य बनाकर चलता है और ‘हसीना’ और ‘सुंदरी’ भी कब तक चंदू का साथ देतीं हैं। वैसे चंदू, हसीना और सुंदरी को हमारी शुभकामनाएं।