Baghel urges Tomar to approve Rs 1100 crore for construction of bridges

 रायपुर. छत्तीसढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अन्य राज्यों से प्रदेश लौटने वाले श्रमिकों को विद्युत सब स्टेशन, विद्युत लाइन विस्तारीकरण सहित अन्य निर्माण कार्यों में नियोजित करने के लिए कहा है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लौटने वाले श्रमिकों को उनके कौशल के अनुसार विद्युत सब स्टेशन, विद्युत लाइन विस्तारीकरण सहित अन्य निर्माण कार्यों में नियोजित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आवश्यकतानुसार प्रवासी श्रमिकों को प्रशिक्षित कर उन्हें प्राथमिकता से कार्य में लगाया जाए जिससे उन्हें राज्य में ही रोजगार मिल सके। बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में उर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के विद्युत कम्पनियों के पुनर्गठन के संबंध में प्रस्तुत प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में पांच विद्युत कम्पनियां हैं, इनका पुनर्गठन कर तीन कंपनी बनाया जाना प्रस्तावित है। पुनर्गठन के प्रस्तावित विकल्प पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्युत देयकों में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली छूट का स्पष्ट रूप से उल्लेख न होने के कारण विद्युत वितरण कम्पनियों पर नाराजगी जतायी। उन्होंने मड़वा विद्युत ताप परियोजना की गड़बडियों के संबंध में भी अधिकारियों से पूछताछ की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में ट्रांसमिशन कम्पनी के पारेषण हानि, निर्माणाधीन सब स्टेशनों की स्थिति, प्रस्तावित सब स्टेशन, विद्युत देयकों के श्रेणीवार लंबित भुगतान, विद्युत चोरी की रोकथाम के लिए एबी केबल की स्थापना, विद्युत पारेषण हानि कम करने के उपायों सहित विभिन्न बिजली संयंत्र के माध्यम से विद्युत उत्पादन की प्रति यूनिट लागत की समीक्षा की गई।

बैठक में कोरोना संक्रमण और उसके चलते लागू लॉकडाउन के कारण अप्रैल माह में राजस्व में 212 करोड़ रुपये की कमी की जानकारी देते हुए विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध निदेशक अब्दुल कैसर हक ने बताया कि अक्टूबर माह तक 1,510 करोड़ रुपये की राजस्व में कमी का अनुमान है। बैठक में प्रबंध निदेशक ने बताया कि ट्रासमिशन क्षति को कम करने के लिए बीते तीन वर्षों में 69 अति उच्च दाब उप केन्द्रों और ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कराया गया है। इससे पारेषण (ट्रांसमिशन) में 2.98 प्रतिशत की कमी आयी है। इस साल चार विद्युत उप केन्द्रों बीजापुर, उदयपुर , सिलतरा और खरमोरा (कोरबा) का निर्माण पूरा कराकर चालू किए जाने का लक्ष्य है। आगामी वर्ष में 25 नए अति उच्च दाब उपकेन्द्रों और इनसे संबंधित लाइनों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी का विभिन्न श्रेणी के उपभोक्तााओं से 6324.62 करोड़ रुपये बकाया है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य में कृषि पंपों के लिए फीडरों को अलग करने के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में जानकारी दी गयी कि कुल 1179 फीडरों में से 653 फीडर अलग कर लिए गए हैं। 204 फीडरों को पृथक करने का काम प्रगति पर है। इसे दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, शेष 322 फीडरों को पृथक करने का प्रस्ताव केन्द्र को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने विद्युत कंपनियों के पास खाली जमीनों की जानकारी ली। उन्होंने बंद हो चुकी कोरबा पूर्व 200 मेगावाट विद्युत संयंत्र की भूमि का व्यवसायिक उपयोग करने का निर्देश दिया।