Shashikant Chaudhary on COVID

चीन के वुहान शहर से पैदा हुई वैश्विक महामारी कोरोना वायरस आज पूरी दुनिया में कहर मचा रहीं हैं। इस महामारी से जनहानि तो हो ही रहीं हैं, इसके अलावा दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ रहां हैं। अगर बात करें भारतीय अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र की तो यह काफी प्रभावित हो रहे हैं और रोज करोड़ों का नुकसान देश को हो रहा हैं।

नागपुर. चीन के वुहान शहर से पैदा हुई वैश्विक महामारी कोरोना वायरस आज पूरी दुनिया में कहर मचा रहीं हैं। इस महामारी से जनहानि तो हो ही रहीं हैं, इसके अलावा दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ रहां हैं। अगर बात करें भारतीय अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र की तो यह काफी प्रभावित हो रहे हैं और रोज करोड़ों का नुकसान देश को हो रहा हैं। इस नुकसान को रोकने के लिए कोरोना वायरस से जंग जितना बेहद जरुरी हैं। इस बीच मशहूर उद्यमियों में से एक शशिकांत चौधरी ने ‘नवभारत-नवराष्ट्र’ के ‘लॉकडाउन वाइब्स वेबिनार’ के माध्यम से कोरोना वायरस के बाद भारत में किन क्षेत्रों में विकास हो सकता हैं इसके बारें में बताया हैं।

श्री चौधरी ने कहा कि, एक जगह कोरोना महामारी और दूसरी जगह चीन संबंधित इन्सेक्युरिटी दुनिया में बढ़ चुकीं हैं। इस परिस्थिति में जो लो कॉस्ट ऑफर और फ्री इकॉनमी ऑफर करेंगे उसे काफी फायदा होने वाला हैं। इसमें साउथ एशिया के देशों, अफ्रीकन और वियतनाम जैसे देशों को का समावेश हैं। चीन का लेबर कॉस्ट पहले से ही बढ़ चुकी थी। जिस कारण लेबर इंटेन्सी इडस्ट्री में हलचल शुरू होने लगी। जो पहले चीन और अमेरिका में ट्रेड वॉर शुरू के समय देखने को मिली थी वह अब कोरोना के वजह से यह बढ़ रहीं हैं।  उन्होंने कहा,”  चीन दुनिया भर में मैन्युफैक्चरिंग के लिए जाने जाना वाला चीन में काम करने वाले कंपनियां कोरोना वायरस के वजह से होने वाले नुकसान को देखते हुए चीन को छोड़ अन्य जगहों पर मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई बेस लाने की कोशिश करेंगी।”

श्री चौधरी ने कोरोना महामारी के बाद भारत के विकास के पर बात करते हुए कहा कि, दुनिया फिसिकल वर्ल्ड से वर्चुअल वर्ल्ड की और बढ़ रही हैं और इसी स्थिति में आगे बढ़ना हैं। उन्होंने बताया कि, दुनिया की सबसे बड़ी रिसर्च कंपनी गार्टनर के हाल ही के रिसर्च के अनुसार काफी सारी कंपनियों की ऑप्रेशन कॉस्ट 30 प्रतिशत तक कम होने वाली हैं। वर्कप्लेस एनालिटिक्स रिसर्च के अनुसार पहले सिर्फ 4 प्रतिशत ही लोग वर्क फ्रॉम होम करते थे, वहीं COVID-19 के बाद 25 प्रतिशत लोग वर्क फ्रॉम होम करेंगे। 

इस दौरान श्री चौधरी ने एक मशहुर कहावत का जिक्र करते हुए बताया कि, कैसे मुश्किल समय में आपको आपकी स्पीड बढाकर कॉम्पिटिशन को ओवरटेक करना हैं। आगे उन्होंने हेल्थ, हेल्थ स्टार्टअप, रिमोट वर्किंग, रिमोट वर्किंग स्टार्टअप, टूरिज्म, टूरिज्म स्टार्टअप, एंटरटेनमेंट, रिटेल एंड एंटरटेनमेंट स्टार्टअप्स, जेनेरिक, इ-कॉमर्स एंड रिटेल सेक्टर के बारें में बताया।

हेल्थ सेक्टर
हेल्थ सेक्टर के बारें में बताते हुए चौधरी ने  कहा कि, हेल्थ सेक्टर में काफी सारे बिजनेस रेओरिएंट होने वाले हैं। जल्द ही COVID सर्टिफिकेशन सभी आर्गेनाईजेशन के लिए लगने वाला हैं। उदहारण के तौर पर देखे कि, अगर आप अपने बच्चे को किसी बेबी केयर सेंटर में रखते है, तो वहां देखा जाएगा कि वह जगह COVID सर्टिफाइड है कि नहीं हैं। वहीं आनेवाले समय में ट्रीटमेंट टेंट्स, आइसोलेशन यूनिट्स और बच्चों के लिए टाइनी फेसशील्ड लगने वाले हैं। इसके अलावा जिन कैंसर मरीजों को फीसीओथेरेपी लगने वाली है उनके लिए ऑनलाइन फीसीओथेरेपी शुरू हो गई हैं। 

हेल्थ स्टार्टअप्स 
उन्होंने बताया कि रिमोट टेलीविज़न का इस्तेमाल होने वाला हैं इसके लिए अच्छीं पिक्चर क़्वालिटी की जरुरत पड़ेगी। इसके अलावा स्मार्ट थर्मामीटर, कंटेंट फ्री मॉनिटर आने वाले है। वहीं गर्भवती महिलाओं के लिए वीडियो सिरिस शुरू की गईं हैं।

रिमोट वर्किंग सेक्टर  
श्री चौधरी ने कहा कि, आनेवाले दिनों में हम सब लोगों का काम घर से ही होने वाला हैं। ऑफिसेस के लिए क्लीनिंग सर्टिफिकेशन लगने वाले है। श्री चौधरी ने वाशिंगटन डीसी की एक खबर का जिक्र करते हुए कि, वहां के लोग अपार्टमेंट्स में रहना पसंद नहीं कर रहे हैं। वह कह रहे हैं कि भले ही वह दूर रहे रहें लेकिन उन्हें अपने घर में ही एक ऑफिस चाहिए जहां बैठकर काम किया जा सकें। वहीं कुछ कंपनियों का कहना हैं कि आगे भी ऐसी परिस्थिति निर्माण हो सकती है। कंपनियां ऑफिस प्रीमाइसेस में ही एसेंशियल सर्विसेज वाले एम्प्लॉयेस के लिए घर बनाने की बात कर रहे हैं। श्री चौधरी ने कहा कि डिजास्टर रिकवरी एंड बिज़नेस कॉन्टिन्यूटी कंसल्टिंग काफी महत्वपूर्ण हैं। कई लोग जो बिज़नेस कर रहा हैं उनको यह पता नहीं होता कि उसका वेंडर कहा से माल मांगता है। लेकिन देखा गया हैं कि काफी सारे वेंडर चीन से ही माल मंगाते हैं। इस वजह से काफी लोगों का कहना हैं कि उन्हें अपनी 60 प्रतिशत सोर्सिंग भारत से ही करनी हैं।

रिमोट वर्किंग स्टार्टअप्स 
रिमोट वर्किंग स्टार्टअप्स के बारें में श्री चौधरी ने बताया कि, आनेवाले दिनों में सभी कंपनियां इंटरव्यूज ऑनलाइन ही लेनेवाली हैं। साथ ही किसी कंपनी को डॉक्यूमेंट भेजने हो तो वह ऑनलाइन ही भेजेंगे और उसमें लगने वाली साइन वह डिजिटल होगी। वहीं एक जूम फिल्टर बनने जा रहा हैं जो आपके फेस को एक्टिव दिखायेगा। उदहारण के तौर पर देखे तो, अगर आप सुबह उठकर सीधा वीडियो के जरिए मीटिंग कर रहे है तो यह जूम फिल्टर से आपका फेस बढ़िया एक्टिव दिखाएगा। 

टूरिज्म सेक्टर 
टूरिज्म सेक्टर पर  श्री चौधरी ने बताया कि, यह सेक्टर काफी प्रभावित हुआ है। कोरोना वायरस के कारण एयरलाइन में जो फिल्टर लगे होते है वह 99 प्रतिशत एंटी बैक्टीरियल करते हैं। इस तरह की प्रैक्टिस होटल में होनेवाली हैं। इसी के साथ रियलटाइम बायो स्क्रीनिंग होनेवाली हैं। वहीं डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगनेवाले हैं, जो आपका टेम्प्रेचर, इन्फेक्शन अदि काउंट करेंगा। उन्होंने यह भी बताया कि, आने वाले दिनों में होटल्स में स्मार्टमेनु कार्ड रहेंगे। होटल में खाना किस प्रकार बन रहा हैं वह और किचन सैनीटाइज किया हैं या नहीं यह सब टेबल पर बैठे-बैठे दिखेंगा। 

टूरिज्म स्टार्टअप
श्री शोधरी ने टूरिज्म स्टार्टअप के बारें में बताया कि, आनेवाले दिनों में स्मार्ट हेलमेट आएगा जो टेम्प्रेचर को मॉनिटर करेगा। वहीं रियल टाइम ट्रैवल डिस्प्यूशन सॉफ्टवेयर से पता किया जा सकेंगा की कैंटीन में कितने लोग बैठे हैं और बाहर कितनी भीड़ वेटिंग में हैं, सोशल डिस्टन्सिंग मैंटेन कर रही हैं या नहीं। वहीं मास्क वियर सेंसिंग की मदद से पता किया जा सकेंगा कि किसने मास्क पहना हैं और किसने मास्क नहीं पहना हैं। इसी तरह काफी स्टार्टअप शुरू होने वाले हैं।      

ऑनलाइन एजुकेशन प्रकाश डालते हुए श्री चौधरी ने कहा कि, ऑनलाइन एजुकेशन मेन स्ट्रीम में जा रहा हैं। इसकी शुरूआत काफी पहले ही हो चुकी हैं। अब कोरोना वायरस के कारण इसे गति मिली हैं। इसमें काफी ज्यादा मौकें हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वर्नाक्युलर भाषा में काफी ज्यादा मौके हैं। काफी देशों के लोग वर्नाक्युलर भाषा में पढ़ना चाहते हैं।