RA Rajeev

भारत आज वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से महत्वपूर्ण जंग लड़ रहा हैं। इस महामारी से देश में काफी जनहानि हो रही हैं। साथ ही इस महामारी से देश की अर्थव्यवस्था भी काफी प्रभावित हो रही हैं। देश में लॉकडाउन होने के कारण शासन को भी काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा हैं।

नागपुर. भारत आज वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से महत्वपूर्ण जंग लड़ रहा हैं। इस महामारी से देश में काफी जनहानि हो रही हैं। साथ ही इस महामारी से देश की अर्थव्यवस्था भी काफी प्रभावित हो रही हैं। देश में लॉकडाउन होने के कारण शासन को भी काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं आने वाले समय में भी शासन को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता हैं। इस पर गहन चर्चा एवं सामाजिक ज्ञान का विश्लेषण हेतु आईएएस श्री. आर.ए. राजीव आगामी 12 मई 2020 को नवभारत-नवराष्ट्र के ‘लॉकडाउन वाइब्स वेबिनार सीरीज’ के माध्यम से जनता को संबोधित करेंगे।

श्री. राजीव 1987 बैच के आईएएस अधिकारी (महाराष्ट्र कैडर) हैं। वह वर्तमान में भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के महानगर आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। श्री. राजीव को 32 साल का अनुभव हैं। इसमें उन्होंने मुख्य रूप से शहरी विकास में से 10 साल, पर्यावरण चार साल और वित्त में चार साल राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार के स्तर पर काम किया है।

श्री. राजीव ने अपने वर्तमान कार्यभार में शामिल होने से पहले, महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग में प्रमुख सचिव के रूप में काम किया था। उन्होंने परमाणु ऊर्जा विभाग, भारत सरकार के संयुक्त सचिव (वित्त) के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा शहरी विकास क्षेत्र में संयुक्त नगर आयुक्त और मुंबई में अतिरिक्त नगर आयुक्त और ठाणे शहर के नगर आयुक्त के रूप में उनका लंबा कार्यकाल रहा है। 

इतना ही नहीं श्री. राजीव महाराष्ट्र सरकार, गृह, प्रमुख सचिव रहे हैं। इसी के साथ ही वह महाराष्ट्र स्टेट कॉटन फेडरेशन लि. के प्रबंध निदेशक, महाराष्ट्र राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित (MRSDMM)के प्रबंध निदेशक, गढ़चिरोली के जिला कलेक्टर, द हैंडीक्राफ्ट्स एंड हैंडलूम एक्सपोर्ट्स ऑफ इंडिया, नई दिल्ली, कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के महाप्रबंधक, उप सचिव, ग्रामीण विकास, महाराष्ट्र सरकार के उप सचिव, जिला परिषद, पुणे और ठाणे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जलगांव के सहायक कलेक्टर पद पर कार्यरत रह चुकें हैं। वित्त और पर्यावरण में उनका अनुभव उन्हें शहरी मुद्दों को अधिक प्रभावशीलता और दक्षता के साथ संभालने में मदद करता है।