न्यूजीलैंड को टेस्ट मैच में पहली जीत दिलाने वाले कप्तान जॉन रीड नहीं रहे

न्यूजीलैंड को क्रिकेट के इतिहास में पहली टेस्ट मैच जीत दिलाने वाले महान कप्तान जॉन रीड बुधवार 14 अक्टूबर को 92 साल की उम्र में हमेशा के लिए दुनिया छोड़कर चले गए। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपने देश के सबसे सीनियर पूर्व क्रिकेटर और पूर्व कप्तान जॉन रीड के निधन की जानकारी दी। जॉन रीड का नाम 1950 से 60 के दशक का दुनिया के सबसे शानदार हरफनमौला क्रिकेटरों में शुमार था।

जॉन रीड ने न्यूजीलैंड के लिये 34 मैचों में कप्तानी की और अपनी ही कप्तानी में पहली बार टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड को जीत दिलाई थी। न्यूजीलैंड की टीम ने उनकी कप्तानी में ही अपनी पहली 3 जीत दर्ज की थी, और इस दौरान वो 2 बार भारत के दौरे पर भी आए थे।

न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (NCB) के चीफ़ एगज़िक्युटिव आफिसर डेविड वाइट ने जॉन रीड के निधन पर जारी अपने बयान पर कहा कि आज एक ऐसा खिलाड़ी हमारे बीच नहीं रहा जिसके नाम को देश का बच्चा-बच्चा जानता है और आगे भी जानता रहेगा। उनके कार्यकाल के दौरान क्रिकेट से जुड़ी जो भी समस्या लाई गई, उन्होंने उसका समाधान निकालने का काम किया। 

गौरतलब है कि न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (New Zealand Cricket Board) की तरफ़ से जारी की गई प्रेस रिलीज में जॉन रीड की मौत का कारण नहीं बताया गया है।

जॉन रीड ने अपने करियर में 246 फर्स्ट क्लास मैच खेले और 41.35 की औसत से 16,128 रन बनाए और 39 शतक ठोके। अपने करियर में उन्होंने 466 विकेट भी चटकाए। उन्होंने सिर्फ़ 19 साल की उम्र में कीवी टीम (न्यूजीलैंड टीम) के लिए टेस्ट मैच में डेब्यू किया था, और 58 टेस्ट मैच में 33.28 की औसत से 3428 रन बनाये और 85 विकेट भी हासिल किए थे।

जॉन रीड ने अपने करियर में 6 शतक भी ठोके थे। उनका सर्वोच्च स्कोर 142 रन था। उन्होंने 142 रनों की ये ऐतिहासिक पारी 1961 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली थी और 1965 में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिए था। जिसके बाद जॉन रीड न्यूजीलैंड क्रिकेट के चीफ़ सेलेक्टर, मैनेजर और आईसीसी मैच रेफरी की ज़िम्मेदारी भी निभाते नजर आए।

– विनय कुमार