Dhoni-Virat

    -विनय कुमार

    भारतीय क्रिकेट टीम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का पहला वर्ल्ड कप ‘आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021’ (ICC World Test Championship Final India vs New Zealand 2021) का फाइनल मुकाबला इंग्लैंड के साउथैंपटन के मैदान में न्यूजीलैंड से हार गई। इसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) आलोचकों के निशाने पर आ गए। भारी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी से हटाने की बात  करने लगे। उनकी जगह टेस्ट टीम की कप्तानी अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) और सीमित ओवरों की टीम (T20 ODI) की कप्तानी की कमान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के हाथ सौंपने की मांग करने लगे। लेकिन, WTC फाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार के बावजूद अगर आंकड़ों की बात करें, तो क्रिकेट का इतिहास बताता है कि कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) टेस्ट क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) और सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) से बेहतर हैं।

    रिकॉर्ड्स बताते हैं कि टीम इंडिया के एंग्री यंग मैन कप्तान विराट कोहली का विदेश में जीत की औसत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से बहुत ज्यादा है। वहीं, पूर्व दमदार कप्तान ‘दादा’ सौरव गांगुली से भी विराट कोहली टेस्ट मैच जीतने के मामले में कुछ कदम आगे ही हैं। क्रिकेट का इतिहास इस बात की गवाही दे रहा है कि टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने विदेश में अब तक 30 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है, जिसमें उन्हें 13 मैचों में जीत हासिल हुई और 12 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उनकी कप्तानी में खेले गए इन मैचों में से 5 टेस्ट मैच ड्रॉ भी हुए। विराट कोहली की जीत का प्रतिशत 43.3 है। वहीं दूसरी तरफ़, ‘कैप्टेन कूल’ एमएस धोनी की कप्तानी (MS Dhoni Captain Test Matches in foreign grounds) में भी भारत ने 30 टेस्ट मैच विदेश में खेले हैं। धोनी की कप्तानी में भारत 15 मैच हारा और सिर्फ 6 टेस्ट मैचों में जीत मिली, जबकि 9 मुकाबले ड्रॉ हुए। धोनी की जीत का प्रतिशत 20 रहा है।

    अगर सौरभ गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम की टेस्ट क्रिकेट के प्रदर्शन की बात की जाए तो, गांगुली की कमान में टीम इंडिया ने 28 मैच विदेश के मैदानों में खेले, जिसमें भारत को 11 में जीत हासिल हुई और 10 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। साथ ही, 7 मैच ड्रॉ रहे थे। सौरव गांगुली की जीत का प्रतिशत 39.28 का रहा है। 

    ऐसे में मौजूदा कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli Captain Indian Cricket Team) के पास इस साल अगस्त-सितंबर में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली से अपनी लीड और ज्यादा बढ़ाने का अवसर होगा। इंग्लैंड के खिलाफ (India vs England Test Series in England 2021) खेले जाने वाले 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में अगर विराट कोहली की टीम ज्यादा मैच जीतने में कामयाब रही, तो बतौर कप्तान उनकी जीत का प्रतिशत बढ़ेगा।

    बहरहाल, ओवरऑल रिकॉर्ड यानी होम ग्राउंड और विदेश के दौरे पर खेले गए सभी मैचों की बात की जाए तो कप्तान विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 61 मैचों में कप्तानी की है, जिसमें 36 में जीत और 15 में हार मिली है। कोहली की कप्तानी में 10 मैच ड्रॉ रहे हैं। उनकी जीत का प्रतिशत 59.01 है। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni Former Captain Indian Cricket Team) ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 60 टेस्ट मैचों में कप्तानी की थी, जिनमें से 27 टेस्ट मैचों में भारत को जीत हासिल हुई थी, 18 में हार मिली थी और 15 मैच ड्रॉ रहे थे। धोनी की जीत का प्रतिशत 45 का रहा है। दमदार ‘दादा’ सौरव गांगुली (Sourav Ganguly Former Captain Indian Cricket Team) की बात की जाए तो उनकी कप्तानी में खेले गए कुल 49 टेस्ट मैचों में भारत को 21 में जीत और 13 में हार नसीब हुई थी और 15 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे थे। गांगुली की जीत का प्रतिशत 42.85 का रहा था।