गावस्कर के एक कमेंट के चलते सहवाग ने बनाया था वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

– विनय कुमार

टीम इंडिया (TEAM INDIA) के पूर्व धुरंधर क्रिकेटर और क्रिकेट कि दुनिया के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में से एक रहे वीरेंद्र सहवाग अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं. वीरेंदर सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली के नजफगढ़ में हुआ. क्रिकेट कि दुनिया में वीरेंदर सहवाग ‘वीरू’, ‘नजफगढ़ के नवाब’, ‘मुल्तान के सुल्तान’ के नाम से भी मशहूर हैं.  

वीरेंद्र सहवाग के नाम एक ऐसा कीर्तिमान है, जो वनडे इंटरनेशनल (ONEDAY INTERNATIONAL) में अब तक किसी भी देश का कोई भी कप्तान नहीं तोड़ सका है. 2011 वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद वेस्टइंडीज (WI) टीम भारत दौरे पर थी. 5 मैचों की वनडे सीरीज़ चल रही थी, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी कप्तान नहीं थे, बल्कि, वीरेंदर सहवाग टीम इंडिया (TEAM INDIA) की कप्तानी संभाल रहे थे. टीम इंडिया दो देशों के बीच चल रही इस सीरीज़ में 2-1 से आगे थी और चौथा मैच इंदौर में खेला जाना था.

इस सीरीज़ के पहले तीन मैचों में वीरेंद्र सहवाग का बल्ला कोई कमाल नहीं कर पाया था, लेकिन चौथी भिड़ंत में उन्होंने डबल सेंचुरी (दोहरा शतक) ठोकी थी. वनडे इंटरनेशनल में ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर के बाद डबल सेंचुरी जड़ने वाले सेहवाग दूसरे खिलाड़ी बने. इंदौर में खेले गए इस वनडे मैच में सहवाग ने 149 गेंदों में 25 चौके और 7 छक्कों की मदद से 219 रन ठोके थे.

‘वनडे इंटरनेशनल’ में कप्तान के तौर पर और कोई भी क्रिकेटर आज तक डबल सेंचुरी नहीं बना सका है. रोहित शर्मा, क्रिस गेल, मार्टिन गप्टिल, फखर जमां और सचिन तेंदुलकर वनडे इंटरनैशनल में डबल सेंचुरी जड़ चुके हैं, लेकिन इनमें से किसी ने भी कप्तान के तौर पर डबल सेंचुरी नहीं बनाई है.

रोहित शर्मा (ROHIT SHARMA) 3 बार वनडे इंटरनेशनल में डबल सेंचुरी मार चुके हैं, लेकिन किसी भी मैच में कप्तान के तौर पर ऐसा कोई नहीं कर पाया है. सहवाग ने अपनी इस खास पारी के बारे में सालों बाद एक ऐसी बात का खुलासा किया, जो अब तक राज़ था. ‘वीरू की बैठक’ नाम के इस शो में इस पारी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कैसे सुनील गावस्कर के एक कमेंट के बाद उन्होंने यह पारी खेली थी.

भारत ने तब वह सीरीज 4-1 से जीती थी. वीरेंद्र सहवाग ने अपने इस शो में डेब्यू मैच का भी ज़िक्र किया और बताया कि कैसे वो  शोएब अख़्तर की तेज गेंदबाज़ी को ठीक से समझ ही नहीं पाए थे.