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टेलर (Sarah Taylor) अब काउंटी क्रिकेट में कोचिंग देती नजर आएंगी।

    नई दिल्ली. क्रिकेट जगत में एक पुरुष कोच का महिला टीम को कोचिंग देना काफी आम बात है। लेकिन, इस बार कुछ अलग होने वाला है। दरअसल, इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम की पूर्व विकेटकीपर साराह टेलर (Sarah Taylor) अब पुरुष टीम को कोचिंग देने वाली हैं।

    टेलर (Sarah Taylor) अब काउंटी क्रिकेट में कोचिंग देती नजर आएंगी। हाल ही में उन्हें ससेक्स (Sussex) टीम ने अपने कोचिंग स्टाफ में शामिल किया है। जिसके बाद वह नए सीजन में पुरुष टीम के साथ काम करेंगी। 

    अपने इस नए रोल को लेकर टेलर (Sarah Taylor) काफी उत्साहित है। टेलर ने कहा कि, ‘ससेक्स टीम में अच्छे विकेटकीपर्स मौजूद हैं। मेरे लिए यह बेहद गर्व की बात हैं कि मैं उनके साथ काम करने वाली हैं। मैं अपने अबतक के अनुभव विशेषज्ञता का इस टीम के खिलाड़ियों के खेल को और बेहतर करने में इस्तेमाल करूंगी। टेलर (Sarah Taylor) ने आगे कहा कि, मैं सबसे पहले बुनियादी खेल में सुधार लाने पर ध्यान दूंगी।

    मालूम हो कि, टेलर (Sarah Taylor) ने साल 2019 में तनाव की वजह से अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। वह तब 30 साल की थी। रिटायरमेंट लेने से पहले टेलर को महिला क्रिकेट में सबसे बेहतरीन विकेटकीपर माना जाता था। टेलर (Sarah Taylor) वनडे और टी20 दोनों में बेहतरीन विकेटकीपिंग करने की लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 126 वनडे में विकेट के पीछे 136 शिकार किए। इसमें 85 स्टम्पिंग और 51 कैच हैं। टेलर से आगे साउथ अफ्रीका की त्रिषा चेट्टी हैं। उन्होंने 116 वनडे में 161 शिकार किए हैं। 

    टी20 मैच की बात करें तो टेलर  (Sarah Taylor) ऑस्ट्रेलिया की विकेटकीपर एलिसा हिली के बाद दूसरे नंबर पर आती हैं। टेलर ने 90 टी20 में 74 शिकार किए। इसमें 23 कैच और 51 स्टम्पिंग हैं। वहीं, हिली ने अपने टी20 करियर में 115 मैच में विकेट के पीछे 93 शिकार किए।

    इसके साथ ही टेलर (Sarah Taylor) इंग्लैंड की तरफ से वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दूसरी बल्लेबाज हैं। इस पूर्व खिलाड़ी ने 126 वनडे में 40 से ज्यादा की औसत से 4101 रन बनाए थे। इसके अलावा टेलर इंग्लैंड के घरेलू सीनियर मेंस क्रिकेट भी खेल चुकी हैं। उन्होंने बर्मिंघम प्रीमियर लीग में वॉल्मले क्लब के लिए डेब्यू किया था। उसी साल टेलर ऑस्ट्रेलिया में पुरुषों के ए-ग्रेड क्रिकेट मैच में खेलने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं थी।