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    पुणे. भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज (India vs England ODI Series Pune 2021) के अंतिम और निर्णायक मैच में भारत ने बेहद रोमांचक और सासें रोक देने वाले मुकाबले में 7 रनों से जीत हासिल कर 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली।

    इस जीत के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई इस द्विपक्षीय श्रृंखला (Bilateral Series India vs England 2021) में तीनों फॉर्मेट्स ( Test Match, T20, ODI) की सीरीज में इंग्लैंड को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।

    लिमिटेड ओवर मैचों की सीरीज काफ़ी रोमांचकरही। T20 और वनडे सीरीज (ODI Series) में आखिरी मैच के आखिरी ओवर तक शानदार जोश और जुनून के साथ संघर्ष देखा गया। 

    पुणे में खेले गए तीसरे और अंतिम वनडे मैच में इंग्लैंड के बल्लेबाजों की तरफ से अंतिम के 10 ओवर में गजब का हाई वोल्टेज नजर आया।

    रविवार को इंग्लैंड ने टॉस जीता और भारत को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया। पहले बल्लेबाजी करने मैदान में उतरी भारतीय टीम ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए बेहतरीन शतकीय साझेदारी की, लेकिन बीच में जल्दी विकेट खोने से बैकफुट पर भी जाती दिखी। ऋषभ पंत (Rishabh Pant) और हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) ने आग उगलता शुरू किया। 

    उनका बल्ला गरमाया और बेहतरीन कम्युनिकेशन के साथ अच्छी बल्लेबाजी कर भारतीय टीम को मैच में वापसी कराई। लेकिन, इंग्लैंड के घातक गेंदबाज हर हाल में विराट के सैनिकों को आउट कर भारत की स्पीड पर ब्रेक लगाना चाहते थे। जान झोंक दिया उन्होंने। उनकी गेंदबाजी और फील्डिंग लाजवाब थी। इंग्लैंड के खतरनाक गेंदबाजों ने अपनी घातक गेंदबाजी से 48.2 ओवर में 329 रन पर भारत को ऑल आउट (all out) कर दिया। 

    भारत की बल्लेबाजी अच्छी रही और स्कोर भी अच्छा रहा। अब बारी थी भारत की गेंदबाजी की। भारत ने शुरुआत तो गजब कर दी। 14 रन के स्कोर पर इंग्लैंड के 2 विकेट उड़ा दिए।  उसके बाद इंग्लैंड के बल्लेबाज अच्छी पार्टनरशिप करने के लिए संघर्ष करते नजर आए। रन बनाने की स्पीड भारत की धड़कन बढ़ा रही थी। गेंद और रन की चाहत की स्पीड में ज्यादा अंतर नहीं था। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli Captain Indian Cricket Team) की धड़कनें तेज हो रही थीं। 

    लेकिन, भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर अपनी उंगलियों के कमाल के साथ बाजुओं की ताकत का जलवा दिखाया और 167 रन के स्कोर पर इंग्लैंड के 6 विकेट उड़ा दिए थे। इस वक्त ऐसा लग रहा था जैसे अब इंग्लैंड का सूपड़ा जल्द ही साफ हो जाएगा, लेकिन पिक्चर अभी बाकी था।

    इंग्लैंड के घातक ऑल राउंडर सैम करन (Sam Curran) ने विस्फोटक बल्लेबाजी की। भारत जिसे इंग्लैंड का लंगड़ा घोड़ा समझ कर मैच जल्दी निपटने की मन में गुलगुले छान रहा था, सैम करन ने होश उड़ा दिए। सैम करन जब 24 रन के स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे, उनके बल्ले से एक गेंद लगी और भारत को लपक लेने के लिए ललचाई। लेकिन, हार्दिक पांड्या  (Hardik Pandya) की उंगलियों के बीच से गेंद निकल गई और कैच छूट गया। 

    जीवनदान मिलने के बाद मानों सैम करन ने अमृत पी ली। उसके बाद सैम का बल्ला ऐसा गरमाया कि भारत को नानी याद दिला दी। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का आलम ये था कि इंग्लैंड को जीत के लिए 18 गेंदों में सिर्फ 23 रन की जरूरत थी। लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। फील्डिंग में लाचार नजर आ रही टीम इंडिया के गेंदबाजों की गेंदों ने रुख मोड़ा और भारतीय गेंदबाजों ने एक बार फिर वापसी की और मैच के आखिरी 3 ओवर में सिर्फ 16 रन ही दिये और 7 रन से मैदान में विजय पताका लहरा दिया। 

    इंग्लैंड के धुरंधर ऑल राउंडर सैम करन (Sam Curran England all rounder) ने 83 गेंदों में नाबाद 95 रनों की पारी खेली। इस विस्फोटक पारी में उनके बल्ले से 9 जानदार चौके और 3 शानदार छक्के भी निकले।

    खास बात तो ये रही कि सैम करन ODI में 8वें नंबर पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स (Chris Woakes) के नाम था, जिन्होंने 2016 में श्रीलंका के खिलाफ (England vs Sri Lanka ODI 2016) में 95 रनों की पारी खेली थी। 

    इस लिस्ट में आंद्रे रसेल (Andre Russell) ने 2011 में भारत के खिलाफ नाबाद 92 रन बनाए थे। नाथन कुल्टर नाइल (Nathan Coulter-Nile) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ (Australia vs West Indies ODI Series 2019) में  92 रन और रवि रॉमपॉल (Ravi Rampaul) ने भारत के खिलाफ (West Indies vs India ODI 2011) नाबाद 86 रन बनाए हैं।

    विनय कुमार