भारतीय महिला टीम सात साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में वापसी करेगी

    ब्रिस्टल. तैयारी के लिये अधिक समय नहीं मिल पाने के बावजूद इंग्लैंड में अच्छे रिकार्ड और सकारात्मक मानसिकता के साथ भारतीय महिला टीम बुधवार से मेजबान के खिलाफ टेस्ट खेलने उतरेगी जो पारंपरिक प्रारूप में सात साल बाद उसकी वापसी होगी। भारत और ब्रिटेन में पृथकवास के बाद मिताली राज की कप्तानी वाली टीम को अभ्यास के लिये बमुश्किल एक सप्ताह मिला जबकि टीम नवंबर 2014 के बाद पहला टेस्ट खेल रही है। मिताली उन सात मौजूदा खिलाड़ियों में से है जिसने मैसुरू में दक्षिण अफ्रीका को उस मैच में हराया था। 

    मिताली, हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और झूलन गोस्वामी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों ने भी हाल ही में टेस्ट मैच नहीं खेला है लिहाजा युवा खिलाड़ियों के लिये तो चुनौती और कठिन होगी जिन्हें घरेलू क्रिकेट में प्रथम श्रेणी मैच खेलने का मौका नहीं मिलता। पुरूष टीम ने साउथम्पटन पहुंचने के बाद विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल की तैयारी के लिये आपस में ही अभ्यास मैच खेले लेकिन महिला टीम नेट्स पर ही अभ्यास कर सकी जिससे चार दिवसीय मैच के लिये उनकी तैयारी पुख्ता नहीं कही जायेगी। बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा,‘‘खिलाड़ी फॉर्म में हैं और फिट हैं लेकिन मैच अभ्यास का कोई विकल्प नहीं है। एक दिवसीय मैच हो या चार दिवसीय, नेट्स पर अभ्यास समान ही होता है।”  

    उन्होंने कहा,‘‘चूंकि यह चार दिवसीय मैच है तो समय ही बतायेगा कि वे लंबे समय तक मैदान पर रहने या लंबे स्पैल फेंकने में सक्षम हैं या नहीं। अभ्यास मैच खेलते हैं तो दबाव रहता है लेकिन नेट्स पर वह दबाव नहीं रहते।” हरमनप्रीत पहले ही कह चुकी है कि अभ्यास के लिये समय नहीं मिल सका लेकिन उन्होंने कहा कि टीम मानसिक रूप से तैयार है। भारतीय खिलाड़ियों को पुरूष टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे से उपयोगी सलाह भी मिली है। पूरी संभावना है कि 17 वर्ष की शेफाली वर्मा इस मैच में मंधाना के साथ पारी की शुरूआत करेगी। अनुभवी मिताली, हरमनप्रीत और पूनम राउत पर रन बनाने का दारोमदार होगा। राहत की बात यह है कि इंग्लैंड ने ड्यूक की बजाय कूकाबूरा गेंद चुनी है।  

    यह देखना होगा कि लंबे समय से पारंपरिक प्रारूप नहीं खेल सकीं झूलन और शिखा पांडे लंबे स्पैल फेंक पाती है या नहीं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीमित ओवरों की घरेलू श्रृंखला में फ्लॉप रही स्पिनर भी अपना प्रदर्शन सुधारना चाहेंगी। भारत ने इंग्लैंड में आठ मैच खेलकर दो जीते हैं और एक भी नहीं गंवाया है। इंग्लैंड की स्टार हरफनमौला और उपकप्तान नेट स्किवेर उन छह खिलाड़ियों में से है जिन्होंने अगस्त 2014 में भारत के खिलाफ आखिरी टेस्ट खेला था। भारत ने वोर्मस्ले में खेला गया वह मैच छह विकेट से जीता था। इंग्लैंड का पलड़ा भारी होने के बावजूद स्किवेर ने कहा,‘‘भारतीय टीम के पास युवा प्रतिभायें हैं जो बेखौफ होकर खेलती हैं। मैने इतनी निडर भारतीय टीम पहले नहीं देखी। मिताली और झूलन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के रहते उन्हें हराना आसान नहीं होगा।”  

    टीमें :

    भारत : मिताली राज (कप्तान), स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर, पूनम राउत, प्रिया पूनिया, दीप्ति शर्मा, जेमिमाह रौद्रिगेज, शेफाली वर्मा, स्नेह राणा, तानिया भाटिया, इंद्राणी रॉय, झूलन गोस्वामी, शिखा पांडे, पूजा वस्त्रकार, अरूंधति रेड्डी, पूनम यादव, एकता बिष्ट, राधा यादव।   

    इंग्लैंड : हीथर नाइट (कप्तान), एमिली अर्लोट, टैमी ब्यूमोंट, कैथरीन ब्रंट, केट क्रॉस, फ्रेया डेविस, सोफिया डंकली, सोफी एक्सेलेटन, जॉर्जिया एल्विस, टैश फरांट, सारा ग्लेन, एमी जोंस, नेट स्किवेर, आन्या श्रुबसोले, मैडी विलियर्स, फ्रान विल्सन, लौरेन विनफील्ड हिल। (एजेंसी)