आरसीबी की मुंबई पर सुपर ओवर में रोमांचक जीत

दुबई. एबी डिविलियर्स के कमाल और नवदीप सैनी की सुपर ओवर में की गयी कसी हुई गेंदबाजी से रॉयल चैलेंजर्स बेगलोर (आरसीबी) ने सोमवार को यहां रोमांच से भरे बड़े स्कोर वाले मैच में मुंबई इंडियन्स पर जीत दर्ज करके इंडियन सुपर लीग (आईपीएल) में दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किये। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर तीन विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर बनाया था। मुंबई की टीम इसके जवाब में पांच विकेट पर 201 रन बनाकर मैच को सुपर ओवर तक पहुंचाया।

मुंबई ने 99 रन की बेहतरीन पारी खेलने वाले इशान किशन की बजाय कीरोन पोलार्ड और हार्दिक पंड्या को सुपर ओवर में बल्लेबाजी के लिये उतारा लेकिन नवदीप सैनी ने इस ओवर में केवल सात रन दिये। मुंबई की तरफ से जसप्रीत बुमराह ने पहली तीन गेंदों में केवल दो रन दिये, लेकिन डिविलियर्स ने चौथी गेंद पर चौका लगा दिया। बुमराह ने यार्कर की तो डिविलियर्स एक रन ही ले पाये। ऐसे में विराट कोहली ने नीची रहती फुलटॉस पर विजयी चौका लगाया।

इससे पहले आरसीबी को आरोन फिंच (35 गेंदों पर 52 रन, सात चौके एक छक्का) और देवदत्त पडिक्कल (40 गेंदों पर 54 रन, पांच चौके, दो छक्के) ने पहले विकेट के लिये 81 रन जोड़कर सकारात्मक शुरुआत दी। डिविलियर्स ने 24 गेंदों पर चार चौकों और चार छक्कों की मदद से नाबाद 55 रन और शिवम दुबे ने तीन छक्कों की मदद से दस गेंदों पर नाबाद 27 रन का योगदान दिया। मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके तीन विकेट 39 रन पर निकल गये थे। ऐसे में युवा किशन ने 58 गेंदों पर दो चौकों और नौ छक्कों की मदद से 99 और पोलार्ड ने 24 गेंदों पर तीन चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 60 रन बनाये। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिये 119 रन की साझेदारी की।

आरसीबी की तरफ से वाशिंगटन सुंदर ने कसी हुई गेंदबाजी का बेहतरीन नमूना पेश किया और चार ओवर में 12 रन देकर एक विकेट लिया, लेकिन उसके बाकी गेंदबाज प्रभाव नहीं छोड़ पाये। सबस्टि्यूट पवन नेगी ने तीन कैच लिये लेकिन उन्होंने पोलार्ड को जीवनदान भी दिया। बड़े लक्ष्य के सामने मुंबई कप्तान रोहित शर्मा (आठ) और सूर्यकुमार यादव (शून्य) और क्विंटन डिकाक (14) के विकेट जल्दी निकाल दिये। हार्दिक पंड्या (15) भी नहीं चल पाये। दस ओवर के बाद स्कोर तीन विकेट पर 63 रन था। किशन ने सैनी पर दो छक्के लगाये और फिर जंपा पर छक्के से अर्धशतक पूरा किया। मुंबई को आखिरी चार ओवर में 80 रन चाहिए थे।

गेंदबाजों को ओस के कारण गेंद पर ग्रिप बनाने में दिक्कत आ रही थी। ऐसे में पोलार्ड ने पासा पलटा। उन्होंने जंपा पर तीन छक्के लगाये और फिर चहल के ओवर में भी इतने ही छक्के लगे। इनमें से दो छक्के पोलार्ड के बल्ले से निकले जिनमें से दूसरे छक्के से उन्होंने 20 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया। दो ओवर में 49 रन बनने से आरसीबी दबाव में आ गया। सैनी ने 19वें ओवर में 12 रन दिये और इस तरह से मुंबई को आखिरी ओवर में 19 रन चाहिए थे। इसुरू उदाना गेंदबाज थे। पहली दो गेंदों पर दो रन बने। किशन ने तीसरी और चौथी गेंद को छक्के के लिये भेज दिया, लेकिन पांचवीं गेंद पर वह सीमा रेखा पर कैच दे बैठे और शतक से चूक गये।

पोलार्ड ने चौका जड़कर स्कोर बराबर किया। इससे पहले आरसीबी की तरफ से फिंच ने शुरू में रन बनाने का जिम्मा उठाया। वह रोहित से मिले जीवनदान का फायदा उठाकर 32 गेंदों पर अर्धशतक तक पहुंचे, लेकिन बोल्ट की धीमी की गेंद पर वह सही टाइमिंग से शॉट नहीं लगा पाये और आसान कैच दे बैठे। कोहली लगातार तीसरे मैच में नाकाम रहे। उन्होंने 11 गेंदों तक संघर्ष किया और केवल तीन रन बनाकर चाहर की गेंद पर कवर पर खड़े रोहित को कैच का अभ्यास कराया। कोहली जब क्रीज पर रहे तो रन गति भी धीमी पड़ी। पडिक्कल ने ऐसे में पैटिनसन पर लगातार दो छक्के लगाये और फिर कीरोन पोलार्ड पर चौका जड़कर टूर्नामेंट का अपना दूसरा पचासा पूरा किया। बोल्ट की धीमी गेंद पर पोलार्ड ने सीमा रेखा पर पडिक्क्ल का शानदार कैच लिया लेकिन इस बीच डिविलियर्स अपने रंग में आ चुके थे।

डिविलियर्स ने बुमराह के एक ओवर में दो छक्कों और चौके की मदद से 18 रन बटोरे। उन्होंने बोल्ट की गेंद भी गगनदायी छक्के के लिये भेजी और फिर बुमराह के अगले ओवर में 90 मीटर दूर गये छक्के से अर्धशतक पूरा किया। दुबे ने पैटिनसन के पारी के आखिरी ओवर में तीन छक्के लगाकर स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया। डिविलियर्स ने पडिक्कल के साथ 62 रन जोड़े और दुबे के साथ 47 रन की अटूट साझेदारी की। (एजेंसी)