Joss Buttler

अबुधाबी. अनुशासित गेंदबाजी और जोस बटलर के अर्धशतक से राजस्थान रॉयल्स ने सोमवार को यहां चेन्नई सुपर किंग्स पर 15 गेंद शेष रहते हुए सात विकेट से जीत दर्ज करके इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में जहां अपनी उम्मीदें बरकरार रखी वहीं महेंद्र सिंह धोनी की टीम पर पहली बार प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाने का खतरा गहरा दिया।

चेन्नई पहले बल्लेबाजी का फैसला करके पांच विकेट पर 125 रन ही बना पाया। उसकी तरफ से रविंद्र जडेजा (30 गेंदों पर नाबाद 35) और धोनी (28 गेंदों पर 28) ही कुछ योगदान दे पाये। बटलर की 48 गेंदों पर सात चौकों और दो छक्कों की मदद से खेली गयी नाबाद 70 रन की पारी से रॉयल्स ने 17.3 ओवर में तीन विकेट पर 126 रन बनाकर जीत दर्ज की।

बटलर ने कप्तान स्टीव स्मिथ (34 गेंदों पर नाबाद 26) के साथ चौथे विकेट के लिये 13 ओवर में 98 रन की अटूट साझेदारी की। धोनी का आईपीएल में 200वां मैच यादगार नहीं बन पाया। चेन्नई अभी तक आईपीएल में जब भी खेला है तब प्लेऑफ तक जरूर पहुंचा है। वह तीन बार का विजेता और छह बार का उप विजेता है लेकिन इस बार उसके दस मैचों में केवल छह अंक हैं और अगले चार मैचों में जीत पर भी उसकी प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना अगर मगर पर टिकी रहेगी।

रॉयल्स दस मैचों में चौथी जीत से आठ अंक के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। वैसे धोनी के धुरंधर आसानी से हार मानने वाले नहीं थे। दीपक चाहर (18 रन देकर दो) और जोश हेजलवुड (19 रन देकर एक) ने पहले नौ ओवरों में ही अपना कोटा पूरा कर दिया लेकिन इस बीच उन्होंने अधिकतर समय रॉयल्स के बल्लेबाजों को खामोश रखा। रॉयल्स का बेट स्टोक्स (19) और रोबिन उथप्पा (चार) से पारी की शुरुआत करवाना फिर से गलत साबित हुआ। ये दोनों चौथे ओवर तक पवेलियन में विराजमान थे।

संजू सैमसन इस बार खाता भी नहीं खोल पाये। धोनी की तारीफ करनी होगी जिन्होंने बायीं तरफ डाइव लगाकर एक हाथ से उनका कैच लिया। दो रन के अंदर तीन विकेट गंवाने से रॉयल्स दबाव में आ गया। स्मिथ और बटलर ने सहजता से पारी आगे बढ़ाने की रणनीति अपनायी। इस बीच जब स्मिथ ने खाता भी नहीं खोला था तब धोनी ने उनके खिलाफ पगबाधा के लिये डीआरएस लिया था। रन बनाने का जिम्मा वैसे भी बटलर ने उठा रखा था।

शार्दुल ठाकुर पर लगाया गया उनका छक्का दर्शनीय था। स्मिथ ने 24वीं गेंद का सामना करके पहला चौका लगाया। बटलर ने 37 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया। रॉयल्स की इस जीत की नींव उसके गेंदबाजों ने रखी। जोफ्रा आर्चर ने 20 रन देकर एक विकेट लिया जबकि उसके दोनों स्पिनरों श्रेयस गोपाल (14 रन देकर एक) और राहुल तेवतिया (18 रन देकर एक) ने मिलाकर आठ ओवर में 32 रन देकर दो विकेट लिये और चेन्नई के बल्लेबाजों को दबाव में रखा।

धोनी का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला गलत साबित हुआ क्योंकि चेन्नई का शीर्ष क्रम लड़खड़ा गया और 10 ओवर तक स्कोर चार विकेट पर 56 रन था। रॉयल्स के गेंदबाजों की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने परिस्थितियों का फायदा उठाकर चेन्नई के बल्लेबाजों को शुरू से दबाव में रखा। पिच धीमी थी लेकिन उससे असमान उछाल भी मिल रही थी जिससे बल्लेबाज सामंजस्य नहीं बिठा पाये।

बटलर ने फाफ डुप्लेसिस (10) का खूबसूरत कैच लिया लेकिन स्टोक्स पर लगाये गये एक छक्के को छोड़कर कुरेन (22) आत्मविश्वास में नहीं दिखे। शेन वाटसन (आठ) और अंबाती रायुडु (13) ने आसान कैच दिये।

धोनी और जडेजा अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाये। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिये 51 रन जोड़े लेकिन इसके लिये 46 गेंदें खेली। चेन्नई के पास विकेट बचे हुए थे, इसके बावजूद उसने आखिरी पांच ओवरों में केवल 36 रन बनाये। चेन्नई की पूरी पारी में 12 चौके और एक छक्का लगा। इनमें से चार चौके जडेजा ने लगाये। (एजेंसी)