रायुडु चमके, चेन्नई ने मुंबई को हराकर जीत से किया आगाज

अबुधाबी: पिछले साल विश्व कप टीम में नहीं चुने जाने के कारण चर्चा में रहे अंबाती रायुडु की शानदार पारी और फाफ डुप्लेसिस के साथ उनकी शतकीय साझेदारी से चेन्नई सुपरकिंग्स ने शनिवार को यहां मौजूदा चैंपियन मुंबई इंडियन्स को पांच विकेट से हराकर 13वें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपने अभियान का जीत से आगाज किया।

रायुडु ने 48 गेंदों पर छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से 71 रन बनाये और फाफ डुप्लेसिस (44 गेंदों पर नाबाद 58, छह चौके) के साथ तीसरे विकेट के लिये 115 रन जोड़कर चेन्नई को खराब शुरुआत से उबारा। अंतिम क्षणों में सैम कुर्रेन ने दो छक्कों की मदद से 18 रन बनाये। चेन्नई ने 19.2 ओवरों में पांच विकेट पर 166 रन बनाये।

मुंबई ने अंतिम छह ओवरों केवल 41 रन बनाये और इस बीच छह विकेट गंवाये जिससे वह नौ विकेट पर 162 रन तक ही पहुंच पाया। आखिर में उसे यह महंगा पड़ा। उसकी तरफ सौरभ तिवारी (31 गेंदों पर 42, तीन चौके, एक छक्का) और क्विंटन डिकाक (20 गेंदों पर 33, पांच चौके) ने अहम योगदान दिया। चेन्नई ने मुंबई से पिछले चारों मैच गंवाये थे लेकिन इस बार वह अपने चिर प्रतिद्वंद्वी को हराकर शानदार शुरुआत करने में सफल रहा।

चेन्नई की शुरुआत बहुत खराब रही और उसने पहले दो ओवर में ही दोनों सलामी बल्लेबाज शेन वाटसन (चार) और मुरली विजय (एक) का विकेट गंवा दिया। यह आलम तब था जबकि मुंबई ने जसप्रीत बुमराह से गेंदबाजी का आगाज नहीं करवाया था। बुमराह छठा ओवर करने आये और रायुडु ने दो चौकों और एक छक्के से उनका स्वागत करके पावरप्ले में स्कोर दो विकेट पर 37 रन तक पहुंचाया। उन्होंने डुप्लेसिस के साथ कुशलता से पारी संवारी और इस बीच लंबे शॉट लगाने की अपनी कला का भी बखूबी प्रदर्शन किया।

मुंबई के दोनों स्पिनरों राहुल चाहर और क्रुणाल पंड्या की उनके सामने एक नहीं चली। इस आईपीएल का पहला अर्धशतक भी रायुडु ने ही लगाया जो टी20 में उनका 26वां अर्धशतक है। रायुडु को 69 रन के निजी स्कोर पर जीवनदान भी मिला लेकिन इसी ओवर में वह हवा में लहराता हुआ कैच दे बैठे। चेन्नई को तब 24 गेंदों पर 42 रन की जरूरत थी। रविंद्र जडेजा (10) भी कुछ खास नहीं कर पाये लेकिन कुर्रेन (छह गेंदों पर 18) ने क्रुणाल और बुमराह पर छक्के लगाकर चेन्नई का काम आसान कर दिया।

डुप्लेसिस ने आईपीएल में अपना 13वां अर्धशतक पूरा किया और फिर विजयी चौका लगाया। इससे पहले चेन्न्ई के लिये लुंगी एनगिडी ने तीन जबकि दीपक चाहर और रविंद्र जडेजा ने दो . दो विकेट लिये जबकि लेग स्पिनर पीयूष चावला और सैम कुर्रेन ने प्रभावशाली गेंदबाजी की और मुंबई को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया। लंबे अर्से बाद प्रतिस्पर्धी मैच खेल रहे महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीता, चेन्नई ने पहले क्षेत्ररक्षण किया और दीपक चाहर ने लगातार तीसरे साल सत्र की पहली गेंद करने का रिकार्ड बनाया। रोहित शर्मा (12) ने चौके इसका स्वागत किया। धोनी ने पांचवें ओवर में ही चावला के रूप में स्पिन आक्रमण लगा दिया।

रोहित इस लेग स्पिनर की गेंद पर सही टाइमिंग से शॉट नहीं लगा पाये और मिडऑफ पर कुर्रेन को आसान कैच दे बैठे। इंग्लैंड से दो दिन पहले यहां पहुंचने के बाद मैच खेल रहे कुर्रेन के अगले ओवर में डिकॉक ने भी मिडविकेट पर वाटसन को कैच का अभ्यास कराया। तिवारी ने जडेजा पर इस टूर्नामेंट का पहला छक्का लगाया लेकिन कुर्रेन ने सीमा रेखा पर सूर्यकुमार यादव (16 गेंदों पर 17) का कैच लपक दिया।

पीठ दर्द के कारण लगभग एक साल बाद खेल रहे हार्दिक ने जडेजा पर लगातार दो छक्के जड़कर स्कोर बोर्ड में अपनी जीवंत उपस्थिति दर्ज कराने के साथ मुंबई का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। इसके बाद डुप्लेसिस के बेहतरीन क्षेत्ररक्षण का नजारा देखने को मिला। उन्होंने तिवारी और हार्दिक दोनों के छक्के के लिये जा रहे शॉट को सीमा रेखा पर बड़ी खूबसूरती से कैच में बदलकर जडेजा को एक ओवर में दो विकेट दिलवाये।

डेथ ओवरों का दारोमदार क्रुणाल पंड्या (तीन) और कीरेन पोलार्ड (18) पर था लेकिन एनगिडी ने इन्हें लगातार ओवरों में पवेलियन भेजकर मुंबई की उम्मीदों पर पानी फेरा।