तीन दिग्गजों के कारण  ‘सधे विस्फोटक’ बने सहवाग, ‘मुल्तान के सुल्तान’ ने खोला राज़

    – विनय कुमार

    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virendra Sehwag) अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए खूब जाने जाते थे। उन्होंने दुनिया में जहां भी, जिस देश में भी खेले वहां जमकर बरसे और खूब रन बनाए थे। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में भारत के लिए 108 टेस्ट मैच, 25 वनडे और 19 T20I मैच खेलने वाले सहवाग की बल्लेबाजी को लेकर कई सवाल भी उठते रहे थे।

    कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स का कहना था कि उनका फुटवर्क ठीक नहीं है, और वे गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलते हुए आउट होते हैं। अब खुद वीरेंद्र  सहवाग ने इस बात का खुलासा किया है कि तीन पूर्व दिग्गज क्रिकेटर्स की सलाह ने उनके करियर पर बहुत महत्वपूर्ण असर छोड़ा।

    वीरेंद्र सहवाग ने www.cricuru.com से अपनी बातचीत में कहा, ‘‘मेरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (Sehwag’s International career) के शुरुआती सालों में कई एक्सपर्ट्स और क्रिकेटर थे जो मेरे पैर की गति में कमी की ओर इशारा करते थे। लेकिन किसी के पास इसे सुधारने के लिए कोई सुझाव (suggestions) नहीं था।’’ वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि उनकी इस कमी को दूर करने में भारत के तीन पूर्व महान खिलाड़ियों-टाइगर पटौदी (Tiger Pataudi), सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) और कृष्णमाचारी श्रीकांत (Krisnamachari Srikant) ने मदद की। इसके बाद उनकी बल्लेबाजी में सुधार आया और उसके बाद उन्होंने खूब रन बनाए। 

    उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (टाइगर पटौदी (Tiger Pataudi), सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) और कृष्णमाचारी श्रीकांत (Krisnamachari Srikant) मुझसे कहा कि मुझे अपने फुटवर्क (footwork) के बारे में सोचने के बजाय लेग स्टंप पर अपना स्टांस (stance) लेने की जगह मिडिल या ऑफ स्टंप (off-stump batting) पर बल्लेबाजी शुरू करनी चाहिए। इससे मुझे गेंद के करीब आने में मदद मिली। इससे मेरे खेल में सुधार आया और इसका श्रेय (credit) उन्हें जाता है।’’ 

    टीम इंडिया के पूर्व महाविस्फोटक सलामी बल्लेबाज सहवाग के मुताबिक, यह इकलौती सलाह थी, जिसने उन्हें दुनिया के सभी देशों में तेज बल्लेबाजी करने में उन्हें काम आया और उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 8,000 से ज्यादा रन बनाए।

    आजकल भारतीय क्रिकेट टीम के नए सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) की तुलना वीरेंद्र सहवाग से की जा रही है। वीरू (Virendra Sehwag) ने इस बारे में भी बात की और पृथ्वी शॉ को अनमोल सलाह भी दी। उन्होंने कहा, ‘‘सबकी सुनो, अपनी करो।’’ 

    वीरेंद्र सहवाग के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की बात की जाए, तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 49.34 की औसत से 8586 रन बनाए। जिसमें 23 शतक और 32 अर्धशतक भी शामिल हैं। दो बार उन्होंने तिहरा शतक (Triple Century Virendra Sehwag) भी ठोका। वनडे (ODI) में 35.06 की औसत से उन्होंने 8273 रन बनाए, जिसमें 15 शानदार शतक और 38 जानदार अर्धशतक भी रहे। 19 T20I में 21.89 की औसत से उन्होंने 394 रन बनाए। उनके बल्ले से इस T20 फॉर्मेट में 2 अर्धशतक भी निकले।