motera stadium
Photo : BCCI

    -विनय कुमार

    वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (World Test Championship) के अंतर्गत भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 4 मैचों की टेस्ट सीरीज (India vs England Test Series 2021) का अगला यानी तीसरा मैच अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में 24 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। ये मैच डे नाईट पिंक बॉल टेस्ट मैच (Day Night Pink Ball test match India vs England Ahmedabad 2021) होगा। 24 फरवरी 2021 से खेले जाने वाले इस ‘पिंक बॉल टेस्ट मैच’ की मेजबानी कर रहे अहमदाबाद का मोटेरा स्टेडियम में नवनिर्माण (renovation Motera Stadium Ahmedabad) के बाद पहली बार कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेला जाएगा।

    पुराने मोटेरा स्टेडियम को तोड़कर नवनिर्माण किया गया है। स्टेडियम के नवनिर्माण के बाद अब मोटेरा ला यह स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम बन गया है, जिसमें 1 लाख 10 हजार दर्शकों की बैठने की क्षमता है। 

    चार मैचों की इस टेस्ट सीरीज के 2 मैच चेन्नई के चिदम्बरम स्टेडियम में खेले जा चुके हैं और दोनों देश फिलहाल इस सीरीज में 1-1 जीत के साथ बराबरी पर है। दूसरे मैच में मैदान की पिच को लेकर खूब बखेड़ा देखा गया था। ऐसे में सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में (Pink Ball Test Match India vs England Ahmedabad) मोटेरा स्टेडियम की पिच क्या कमाल दिखाएगी, या खिलाड़ियों के सामने पिच की भविष्यवाणियां बेकार साबित हो जाएंगी। यहां की पिच स्पिनर्स को मदद देगी या फिर पेसर्स को, इस बात को लेकर ज़ाहिर है क्रिकेट प्रेमियों में जिज्ञासा जाग रही होगी।

    ग़ौरतलब है कि, कुछ दिन पहले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड (Mark Wood) ने कहा था कि अगर यह पिच सीमर्स की मददगार साबित होती है तो जेम्स एंडरसन (James Anderson) की घातक गेंदबाजी से भारत को कोई नहीं बचा सकता।

    बहरहाल, इस स्टेडियम में खेले गए मैचों का इतिहास क्या बोलता है ? यहां की पिच किस पर ज्यादा मेहरबान हो सकती है ? स्पिनर्स पर या पेसर्स पर ? आइए रिकॉर्ड देखकर समझें:

    मोटेरा में की रही है स्पिनर्स की बल्ले-बल्ले

    खबरों के मुताबिक, अहमदाबाद में होने वाले इस मैच (Pink Ball Test Match India vs England Ahmedabad 2021) को लेकर जो पिच बनाई जा रही है, वह स्पिनर्स को मदद करेगी। इस स्टेडियम के इतिहास पर नजर डालें  तो साफ़ बातभे सामने आती है कि मोटेरा के मैदान की पिच पर सदैव स्पिनर्स का दबाव रहा है। पुराने मोटेरा स्टेडियम के मैदान में 12 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। जिसमें आंकड़े बताते है कि, इस मैदान पर स्पिन गेंदबाजों ने तेज़ गेंदबाजों के मुकाबले दोगुने विकेट चटकाए हैं।

    अगर हम आंकड़ों की राह पकड़ें, तो भारत और इंग्लैंड के बीच होने जा रहे तीसरे टेस्ट मैच (Third Test Match India vs England Ahmedabad Pink Ball Test Motera Stadium) में एक बार फिर से रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin Off-spinner Indian Bowler) की फिरकी का जलवा देखने मिल सकता है। इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेले गए ताज़ा सीरीज के 2 टेस्ट मैचों में भारत के घातक ऑफ़ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 17 विकेट चटकाए।

    अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में खेले गए अब तक खेले गए टेस्ट मैचों का अगर हम इतिहास खंगालें, तो तस्वीर ये सामने आती हैं कि, इस मैदान पर अब तक 32 स्पिन गेंदबाजों ने गेंदबाजी की है। और उन स्पिनर्स ने इस मैदान में खेले गए अब तक के 12 टेस्ट मैचों में 32 की औसत से 132 विकेट हासिल किए हैं, जिसमें बोलर्स ने 8 बार पारी में 5 विकेट हॉल लेने का कीर्तिमान भी बनाया है। जबकि, 3 बार टेस्ट मैचों में 10 विकेट भी झटकने के रिकॉर्ड्स हैं।  इस मैदान की पिच पर अब तक खेले गए मैचों में स्पिनर्स 1622 ओवर की गेंदबाज़ी की जिसमें 400 ओवर मेडेन (Maiden Overs in Motera Stadium Ahmedabad by Spinners) रहे।

    स्पिनर्स से आधा रहा है तेज़ गेंदबाजों का प्रदर्शन

    मोटेरा स्टेडियम के अब तक के इतिहास में इस मैदान पर भारत और इंग्लैंड (India vs England Test Match Motera Stadium Ahmedabad) के बीच अब तक 2 मैच ही खेले गए हैं। जिसमें से एक भी मैच में इंग्लैंड जीत नहीं पाई। भारतीय टीम के खाते में एक मैच में जीत दर्ज है, तो एक मैच ड्रा रहा है। 

    अब इस स्टेडियम में तेज गेंदबाजों के इतिहास की बात करें तो तस्वीर ये सामने आती है कि,  यहां खेले गए अब तक के 12 मैचों में सिर्फ 59 विकेट ही तेज़ गेंदबाज हासिल कर सके हैं। इस मैदान पर तेज़ गेंदबाजों की गेंदबाज़ी का औसत करीब 35 का रहा है। यहां अब तक 26 तेज गेंदबाजों ने कुल मिलाकर 737 ओवर की गेंदबाज़ी की है, जिसमें से 157 ओवर ही मेडेन रहे हैं। 

    ऐसे में स्पिनर्स और पेसर्स के बीच सफलता और मैदान पर उनके दबदबा का आकलन करें तो एक बात साफ नजर आती है कि, इस मैदान पर स्पिनर्स का ही बोलबाला रहा है। न सिर्फ विकेट चटकाने के मामले में, बल्कि किफायती गेंदबाजी के मामले में भी स्पिनर्स तेज़ गेंदबाजों की तुलना में ज़्यादा सफल रहे हैं।

    मोटेरा में इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज रहे हैं फ्लॉप 

    इस मैदान पर इंग्लैंड और भारत के बीच अब तक खेले गए 2 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड ने अपने 9 तेज़ गेंदबाजों का इस्तेमाल किया है। इन सभी 9 गेंदबाजों ने मिलकर कुल 147 ओवर जीत गेंदबाजी की। लेकिन, उनके हाथ सिर्फ़ 5 विकेट आए। एक पारी में 2 विकेट चटकाने का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। लेकिन, इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों ने 225 ओवर की अपनी गेंदबाज़ी में इस मैदान पर भारत के 15 विकेट झटके हैं।औसत की बात की जाए तो इस मैदान पर तेज़ गेंदबाज का औसत 82 का रहा है, तो वहीं दूसरी ओर स्पिनर्स का औसत 40 रहा है। 

    सूरत ए हाल, आंकड़ों से साफ़ अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि मोटेरा के नवनिर्मित स्टेडियम के पुराने उसी मैदान की पिच पर एक बार फिर  स्पिनर्स का ही दबदबा होगा।