ऑस्ट्रेलिया का किला फ़तह करने की ज़िम्मेदारी पुजारा पर, बना सकते हैं ये रिकॉर्ड

– विनय कुमार

टेस्ट क्रिकेट की टीम इंडिया में मॉर्डन डे राहुल द्रविड़ कहे जाने वाले धुरंधर बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा करीब करीब 9 महीने बाद क्रीज़ पर उतरेंगे। टेस्ट क्रिकेट में पुजारा को भारतीय बल्लेबाजी क्रम का एक मजबूत जोड़ कहा जाता है। इससे पहले चेतेश्वर न्यूज़ीलैड के खिलाफ फरवरी 2020 में खेले गए टेस्ट मैच में नजर आए थे। और ठीक इसी के बाद कोरोना महामारी का संक्रमण फैला और दुनिया पूरी ठप हो गई। 

अब, एक बार फिर COVID-19 के मद्देनजर पूरी एहतियात और सुरक्षा के बीच ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा बने पुजारा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 17 दिसंबर से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की बल्लेबाजी क्रम में अपनी ख़ास भूमिका निभाने की कोशिश करेंगे। 

4 मैचों की ये टेस्ट सीरीज चेतेश्वर पुजारा के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान वो क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर सकते हैं। टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में 6000 रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में पुजारा का नाम शुमार हो सकता है। चेतेश्वर पुजारा ने टेस्ट करियर में अबतक 77 टेस्ट खेले हैं। 77 मैचों में 48.60 की औसत से 5840 रन उनके खाते जमा हो चुके है। वहीं अब 6000 रन का कीर्तिमान अपने नाम करने के लिए उन्हें सिर्फ़ 160 रन और बनाने हैं।

4 मैचों के इस टेस्ट सीरीज में अगर चेतेश्वर पुजारा 160 रन बनाने में कामयाब हो जाते हैं, तो वह 6000 रनों के आंकड़े को पार करने वाले 11वें भारतीय खिलाड़ी होंगे। टेस्ट मैचों में 6000 रनों के आंकड़े को पार करने वाले भारतीय बल्लेबाजों में गुंडप्पा विश्वनाथ (6080), मोहम्मद अजहरूद्दीन (6215), दिलीप वेंगसरकर (6868), सौरभ गांगुली (7212), विराट कोहली (7240), वीरेंद्र सहवाग (8503), वीवीएस लक्ष्मण (8781), सुनील गावस्कर (10122), राहुल द्रविड़ (13265) और सचिन तेंदुलकर (15921) का नाम शामिल है। 

ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर एक बार फिर ‘बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी’ (Border-Gavaskar Trophy) पर फतह हासिल करने के इरादे से पहुंची टीम इंडिया के ज्यादातर खिलाड़ी आईपीएल 2020 में खेलते दिखे थे। चूंकि, पुजारा आइपीएल (IPL 2020) की किसी भी टीम का हिस्सा नहीं थे, क्रिक्रेट के मैदान में उनका बल्ला बोल नहीं पाया और इस एक लंबे समय तक पुजारा प्रफेशनल क्रिकेट में नहीं खेल पाए। ऐसे में पूरी तरह फार्म में आना चेतेश्वर पुजारा के लिए आसान नहीं होगा। लेकिन, असंभव भी नहीं, क्योंकि वो एक मंजे हुए खिलाड़ी हैं। 

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व धुरंधर गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा भी मानते हैं कि, इस वजह से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को फायदा होगा, जिनके सामने पुजारा संघर्ष करते दिखेंगे।

पिछले दौरे, 2018-19 में जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, उस सीरीज में चेतेश्वर पुजारा ने 4 टेस्ट मैचों में 521 रन बनाए थे। उस 521 रनों में 3 शतक और एक अर्द्धशतक भी शामिल था। ये सीरीज पुजारा के लिए इसलिए भी एक यादगार दौरा था क्योंकि, भारत और ऑस्ट्रेलिया, दोनों टीमों की तरफ़ से किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया जाने वाला ये सर्वाधिक स्कोर था। पुजारा की सधी और बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत इस सीरीज में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की ज़मीन पर 2-1 से हराया था। 

इस ताज़ा दौरे में (India-AustraliaTest Series 2020-21) ‘बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी’ (Border-Gavaskar Trophy) पर एक बार फिर कब्ज़ा जमाने में चेतेश्वर से वैसे ही बेहतरीन खेल की उम्मीद रहेगी। यही नहीं, इस टेस्ट सीरीज में ट्रॉफी अपने पास बरकरार रखने का जुआ भी पुजारा के कंधों पर ही होगा, क्योंकि, पहले मैच के बाद कप्तान विराट कोहली स्वदेश वापस लौट रहे हैं।