Playing for Sunrisers Hyderabad was the 'turning point' of my career: Bhubaneswar

    कोलंबो: अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा काफी रोमांचक होता है लेकिन टीम इस समय टी20 विश्व कप के बारे में नहीं सोच रही है क्योंकि इस आईसीसी टूर्नामेंट से पहले काफी क्रिकेट खेला जाना है।

    भारत और पाकिस्तान को शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा घोषित किये गये टी20 विश्व कप के पूल में एक ही ग्रुप में रखा है जो 17 अक्टूबर से 14 नवंबर तक यूएई और ओमान में खेला जायेगा।

    भुवनेश्वर इस समय सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिये श्रीलंका में हैं, उन्होंने वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘देखिये, पाकिस्तान के खिलाफ खेलना हमेशा रोमांचक होता है और इस मैच में हमेशा दबाव रहता है इसलिये यह निश्चित रूप से बेहद कड़ा मुकाबला होगा।”

    उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ईमानदारी से कहूं तो हमने इसके बारे में कुछ सोचा नहीं है, कि यह कैसा होगा क्योंकि अभी इससे पहले काफी क्रिकेट बचा है। हमें श्रीलंका में मैच खेलने हैं, इंग्लैंड में टेस्ट मैच हैं, फिर आईपीएल है जिसके बाद विश्व कप होगा। ”

    मेरठ में जन्में 31 साल के तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘लेकिन एक बार आईपीएल खत्म होता है तो हम इसके बाद हम विश्व कप के बारे में सोचना शुरू कर देंगे।  पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर अपने करियर में कई भारत-पाक मैचों का हिस्सा हो चुके हैं, उन्होंने कहा कि सीनियर खिलाड़ी जैसे कप्तान विराट कोहली और रोहित शर्मा इस मुकाबले में बड़ी भूमिका अदा करेंगे।

    गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘आईसीसी टी20 विश्व कप स्पेशल’ में कहा, ‘‘सीनियर खिलाड़ियों की जिम्मेदारी है कि वे युवा खिलाड़ियों को शांत बनाये रखें क्योंकि भावनायें आपको क्रिकेट का मैच नहीं जीता सकतीं बल्कि गेंद और बल्ले के बीच मुकाबला ही आपको क्रिकेट मैच जीता सकता है। ”

    उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये जब भारतीय टीम पाकिस्तान से खेलेगी तो विराट कोहली या रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर काफी जिम्मेदारी होगी। ” उन्होंने कहा कि भारत को 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप की जीत को पीछे छोड़ देना चाहिए।

    दिल्ली के इस बल्लेबाज ने 2011 विश्व कप के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 97 रन की मैच विजयी पारी खेली थी। गंभीर ने कहा, ‘‘2007 टी20 विश्व कप की टीम का हिस्सा होना विशेष था लेकिन मैं इसे भूल चुका हूं।” उन्होंने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं, तो भारत को उससे आगे बढ़ने की जरूरत है। इसे 13 साल से भी ज्यादा हो गये हैं और मुझे लगता है कि हमें 2007 और 2011 की जीत को पीछे छोड़ देना चाहिए।”(एजेंसी)