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दुबई. ग्रेग बार्कले और इमरान ख्वाजा के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अगले स्वतंत्र अध्यक्ष के चुनाव में अगर किसी उम्मीदवार को 11 मत नहीं मिले तो इसके निदेशक मंडल को तीन दौर की मतदान प्रक्रिया में शामिल होना पड़ सकता है। आईसीसी की वार्षिक त्रैमासिक बैठक सोमवार को शुरू हुई और इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रक्रिया में निदेशक मंडल के 16 सदस्य भाग लेंगे, जिसमें 12 पूर्ण सदस्यों (टेस्ट खेलने वाले देश) के अलावा तीन एसोसिएट देश और एक स्वतंत्र महिला निदेशक (पेप्सिको की इंद्रा नूई) भी हैं।

न्यूजीलैंड के बार्कले या सिंगापुर के ख्वाजा को चुनाव जीतने के लिए कम से कम 11 वोट (दो-तिहाई बहुमत) की आवश्यकता होगी, लेकिन खंडित जनादेश की स्थिति में ऐसा मुश्किल होगा। ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें तीन दौर का मतदान होगा।

वेबसाइट के मुताबिक, “मतदान (पहले दौर) के बाद अगर किसी भी उम्मीदवार को जरूरी मत नहीं मिले है तो मतदान का एक और दौर इस सप्ताह के आखिर में होगा।”

रिपोर्ट के मुताबिक, “अगर उसके बाद भी कोई जरूरी मत हासिल करने में सफल नहीं रहा तो तीसरे और आखिरी दौर का मतदान होगा। यदि उसके बाद दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला तो यह माना जा रहा है कि ख्वाजा को एक निश्चित अवधि के लिए नया अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा। मतदान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो रहा हैं।”

यह समझा जा रहा है कि भारत एसईएनए देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के साथ बार्कले के लिए मतदान करेगा, जो अधिक द्विपक्षीय श्रृंखला खेलने का समर्थन करते हैं। मौजूदा आर्थिक स्थिति में यह इन बोर्डों के वित्तीय मॉडल के अनुरूप हैं। ख्वाजा का समर्थन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष एहसान मनी कर रहे है।

सिंगापुर क्रिकेट बोर्ड का यह पूर्व अध्यक्ष आईसीसी की अधिक प्रतियोगिता का पक्षधर है जो एसोसिएट देशों के राजस्व पूल में वृद्धि करेगा। ख्वाजा भारत के शशांक मनोहर के आईसीसी अध्यक्ष पद से हटने के बाद से इसके ख्वाजा वर्तमान में अंतरिम अध्यक्ष हैं । ख्वाजा को मनोहर के विश्वासपात्र के रूप में जाना जाता है। (एजेंसी)