वो 5 भारतीय खिलाड़ी जो थे गरीब, लेकिन आज हैं करोड़ों के मालिक

    -विनय कुमार

    BCCI दुनिया का सबसे धनवान क्रिकेट बोर्ड है।टीम इंडिया से जुड़े खिलाड़ियों को भी बेहतरीन सैलरी/फीस मिलती है। भारत के लीग क्रिकेट के महाकुंभ का आयोजन भी BCCI ही करता है, जिसमें दुनिया के कई देशों के खिलाड़ियों को मौका तो दिया ही जाता है, उन पर धन की वर्षा भी खूब होती है।

    बीते कुछ सालों में हम देख चुके हैं कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड नाम का पारस जिस भी टैलेंटेड खिलाड़ी को छू गया वो मालामाल हो गया। आइए जानें 5 ऐसे भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के बारे, जिनकी आर्थिक हालत मजबूत नहीं थी, लेकिन क्रिकेट ने उनकी किस्मत कर ताला खोला और भगवान ने छप्पर फाड़ कर उन पर  धन और यश बरसाया है। आज वो अरबों के मालिक हैं।

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    एमएस धोनी (MS Dhoni)

    क्रिकेट ने भारत के अब तक के सबसे सफल  कप्तान एमएस धोनी (Mahendra Singh Dhoni) की जिंदगी ही बदल दी। जब वह छोटे थे, उनके पिता पिच क्यूरेटर (Pich Curator) के तौर पर काम करते थे। धोनी के पिता चाहते थे कि उनका बेटा एक अच्छी सरकारी नौकरी करे। धोनी रेलवे में टिकट कलेक्टर के रूप में काम करे थे, लेकिन उनका लक्ष्य क्रिकेट ही था और अपने सपने को पूरा करने के लिए जी तोड़ मेहनत की और अपनी प्रतिभा को निखारा। आज धोनी (MS Dhoni) दुनिया के सबसे सफल क्रिकेटरों में से एक हैं। क्रिकेट ने उनकी जिंदगी बदलने। महेंद्र सिंह धोनी आज भारतीय क्रिकेट के सबसे अमीर खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

    इरफान पठान और यूसुफ पठान

    इरफ़न पठान (Irfan Pathan) और यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) का बचपन बीजड़ गरीबी में गुजरा। उनके पिता मस्जिद में साफ़- सफाई करते थे। इरफान और यूसुफ को क्रिकेटर्स बनाना उनके पिता का सपना था। जब उनके बेटे छोटे थे तब उनकी आमदनी 250 रुपए ही थी और उसी में घर का गुजारा चलता था। लेकिन, अपने बेटों को क्रिकेट के मैदान में भेजने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। जब उनके बेटे इरफान और यूसुफ क्रिकेट प्रैक्टिस  करने के लिए जाते थे, तो उनके पिता उनकी पुरानी चप्पल की रिपेयर कर देते थे। ऐसी गरीबी से जूझते हुए इरफान और यूसुफ पठान ने क्रिकेटबकी दुनिया में अपना परचम लहराया और आज करोड़ों के मालिक हैं।

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    रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja)

    भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) की कहानी और संघर्षों भी प्रेरक है। क्रिकेट में आने से पहले उनके पिता एक सुरक्षा गार्ड थे और मां एक नर्स थी। उनका समूचा परिवार एक सरकारी क्वार्टर में रहता था।

    रवींद्र जडेजा क्रिकेटर बनना चाहते थे। दिल से लगन और कड़ी मेहनत का साथ किस्मत ने भी दिया और आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका अपना मुकाम है। वो दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर में गिने जाते हैं। आज वो भी करोड़ों के मालिक हैं।

    हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya)

    एक साधारण परिवार के बेहद लड़के से क्रिकेटर बनने तक के हार्दिक पांड्या की यात्रा रोमांचक रहा है। वह अपने परिवार की पुरानी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते रहे हैं। जोंसाफ दर्शाता है कि उनका बचपन काफी संघर्षों में बीता। गौरतलब है कि, हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) ने एक इंटरव्यू में कहा था कि जब वह छोटे थे तब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। इसलिए उन्हें और उनके भाई क्रुणाल पांड्या (Krunal Pandya) को कई बार मैगी खाकर रहना पड़ता था। उनके पास इतना पैसा भी नहीं था कि वह अपनी क्रिकेट किट खरीद सके। लेकिन, आज टीम इंडिया के एक शानदार ऑलराउंडर हैं और उनके साथ उनकी किस्मत का सितारा खूब चमक रहा है।

    Umesh Yadav

    उमेश यादव (Umesh Yadav)

    टीम इंडिया के घातक तेज गेंदबाज उमेश यादव (Umesh Yadav) का जीवन भी काफी संघर्षों से गुजरा है। उनके पिता कोयला खदान में काम करते थे। आर्थिक तंगी होने के कारण परिवार की परिस्थिति ठीक नहीं थी। उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा अच्छे से पढ़ाई करे और कोई सरकारी नौकरी पकड़ ले।  भारी तनाव था। वह अपने बेटे को पुलिस कांस्टेबल बनाने की भी योजना में थे। लेकिन, उमेश यादव का जुनून क्रिकेट के मैदान के प्रति था। लगन थी और उनकी कड़ी मेहनत। बस, किस्मत ने पलटी खाई और आज वो भी अपने करियर की बुलंदी पर हैं और अब धन की कमी नहीं है।