कुछ यादगार पारिया युवराज सिंह की !

टीम इंडिया के ऑलराउंडर युवराज सिंह का आज 38 वां जन्मदिन है. युवराज सिंह ने टीम इंडिया के लिए कई बेहतरीन और यादगार इनिंग्स खेली हैं. उन्होंने कई मुश्किलों का सामना करते हुए टीम में अपनी एक अलग पहचान

टीम इंडिया के ऑलराउंडर युवराज सिंह का आज 38 वां जन्मदिन है. युवराज सिंह ने टीम इंडिया के लिए कई बेहतरीन और यादगार इनिंग्स खेली हैं. उन्होंने कई मुश्किलों का सामना करते हुए टीम में अपनी एक अलग पहचान बनाई. युवराज को टीम इंडिया की गेम चेंजर भी कहा जाता था. युवराज ने इंडिया के लिए तीन वर्ल्ड कप जीते है. 2000 का अंडर-19 वर्ल्ड कप, 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 का वर्ल्ड कप, तीनों में युवराज भारत के टॉप परफॉर्मर रहे. 2000 और 2011 में तो उन्हें ‘मैन ऑफ द सीरीज’ भी घोषित किया गया.

अपने करियर में अच्छा प्रदर्शन करते हुए युवराज को कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का सामना करना पड़ा. लेकिन युवराज ने हार मानी है. खेल के मैदान में ही नहीं, अपने जीवन में भी युवराज सिंह ने कैंसर के ख़िलाफ़ लड़ाई करी और जीत हासिल की है. कैंसर से जीत कर खेल के मैदान में वापस लौटे युवराज को 2014 में टी-20 विश्व कप में काफी आलोचना का सामना करना पड़ा. इसके साथ ही टी-20 में 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी युवराज के नाम है.इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब, पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, दिल्ली डेयरडेविल्स, और सनराइजर्स हैदराबाद से खेल चुके हैं. आज उनके जम्दीन के अवसर पर जानते है, टीम इंडिया में 12 नंबर की जर्सी पहनने वाले युवराज के यादगार इनिंग्स के बारे में 

युवराज सिंह टीम इंडिया के उन चुनिंदा क्रिकेटरों में से एक है, जिन्हें तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी-20) में खेलने का मौका मिला. उन्होंने 10 जून 2019 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया. युवराज सिंह ने अपने करियर के दौरान न केवल बल्लेबाजी से, बल्कि गेंदबाजी से भी टीम इंडिया को जित दिलाई. बात करे युवराज के यादगार इनिंग्स के बारे तो सबको उस ऐतिहासिक दिन की याद आती है, जिस दिन युवराज सिंह ने नया इतिहास रचा है. 19 सितंबर 2007 इस दिन दक्षिण अफ्रीका में पहला टी-20 वर्ल्ड कप खेला गया था. इस दिन टीम इंडिया और इंग्लैंड के मैच में युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर की सभी 6 गेंदों पर 6 छक्के मारे थे. 

दरअसल, टीम इंडिया की पारी का 18वां ओवर चल रहा था.उस ओवर में एंड्रयू फ्लिंटॉफ गेंदबाजी कर रहे थे और उनकी युवराज के साथ कुछ कहा सुनी हो गई थी. लेकिन इस कहा सुनी का खामियाजा स्टुअर्ट ब्रॉड को भुगतना पड़ा. युवराज सिंह ने 19वें ओवर में ब्रॉड की सभी गेंदों पर छक्के मारे. क्रीज के दूसरे छोर पर खड़े कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बस देखते रहे. इस दौरान युवराज ने केवल 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया था. युवराज ने कुल 16 गेंदों में 58 रन बनाए इस दौरान उन्होंने 7 छक्के और 3 चौके मारे. युवराज की दमदार पारी के सहारे इंडिया ने 218/4 रनों का स्कोर बनाया और इंग्लैंड को 18 रनों से हराया था.

इंग्‍लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड पारी खेलने के बाद युवराज सिंह ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ एक और यादगार पारी खेली. बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने सिर्फ 30 गेंदों में पांच छक्‍के और इतने ही चौके की मदद से 70 रन की पारी खेली. युवी की पारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 188 रन बनाए. ऑस्‍ट्रेलियाई टीम जवाब में भारत के स्‍कोर से 15 रन पीछे रही और महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम फाइनल में पहुंची.इस मैच के बाद इंडिया ने फ़ाइनल में पाकिस्तान को हराकर वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अफ्रीकी धुरंधर हर्शल गिब्स के बाद एक ओवर में छह छक्के मारने वाले युवराज सिंह दूसरे बल्लेबाज बने थे. 

इसके बाद युवराज ने 2011 विश्‍व कप के दूसरे क्‍वार्टरफाइनल में भारत को ऑस्‍ट्रेलिया पर जीत दिलाई थी. बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने 65 गेंदों में नाबाद 57 रन की पारी खेली थी. इसी समय युवी कैंसर से ग्रस्‍त थे और उन्‍होंने इसका खुलासा नहीं किया था. युवराज सिंह ने सुरेश रैना के साथ मिलकर ऑस्‍ट्रेलिया के विजयी रथ पर रोक लगाई थी. 260 रन के लक्ष्‍य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने पांच विकेट से मैच जीता था. युवराज के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत आगे चलकर विश्‍व चैंपियन बना. 

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 402 मैच खेले है. जिसमें 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 मैच शामिल हैं. इस दौरान उन्होंने कुल 11,778 रन बनाए, जिसमें 1900 टेस्ट, 8701 वनडे और 1177 रन टी-20 से आए.युवराज सिंह ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 1,496 चौके-छक्के जड़े. वनडे में उनके बल्ले से 908 चौके और 155 छक्के निकले. जबकि टी-20 में 77 चौके और 74 छक्के आए. टेस्ट में भी उन्होंने 260 चौके और 22 छक्के लगाए.