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नयी दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता खराब दर्ज की गयी, हालांकि, केंद्र सरकार की एजेंसियों का कहना है कि हवा चलने की गति अनुकूल होने के कारण इसमें कुछ सुधार की संभावना है। शहर का पिछले 24 घंटों में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 296 दर्ज किया गया।

बृहस्पतिवार को यह 283 था जबकि बुधवार एवं मंगलवार को यह क्रमश: 211 एवं 171 दर्ज किया गया था। उल्लेखनीय है कि शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता को बेहतर, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब एवं 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।

केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता अग्रिम चेतावनी प्रणाली के अनुसार, दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है, हालांकि शुक्रवार को यह खराब श्रेणी में बनी रहेगी और शनिवार को मध्यम श्रेणी में आने की संभावना है। इसने कहा है कि सतह की हवा की दिशा शनिवार को उत्तर पश्चिम और इसकी अधिकतम गति 15 किमी प्रति घंटे हो सकती है।

प्रणाली के अनुसार पंजाब, हरियाणा एवं पाकिस्तान में बृहस्पतिवार को 600 स्थानों पर खेतों में पराली जलाने की घटना की जानकारी मिली है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सफर के अनुसार, दिल्ली में बृहस्पतिवार को पीएम 2.5 प्रदूषण के ​लिये पराली का जलना 20 प्रतिशत जिम्मेदार है।

बुधवार को यह आठ जबकि मंगलवार को तीन प्रतिशत था। सफर का कहना है कि तेज हवा चलने से अगले दो दिन में वायु गुणवत्ता में सुधार होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कहा है कि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस था जो पिछले 14 साल में सबसे कम है। हवा में ठहराव और तापमान कम होने से प्रदूषक नीचे की ओर आने लगते हैं और फिर अनुकुल गति से हवा चलने से वे बिखर जाते हैं। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। (एजेंसी)