Court suggests to make helpdesk for complaints of shortage of PPE kits, masks in private hospitals

नई दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट्स और चिकित्सा मास्क के निर्यात पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली एक निजी कंपनी की याचिका पर केंद्र तथा आप सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने निर्देश दिया कि इस मामले में दिल्ली सरकार को भी पक्षकार बनाया जाए और केंद्र के साथ उसे भी नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब मांगा जाए।

याचिका में दावा गया है कि देश में पीपीई और चिकित्सा मास्क के खरीददारों की कमी है। मंगलवार को संक्षिप्त सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर आचार्य और केंद्र सरकार के स्थायी वकील ने अदालत को बताया कि पीपीई किट्स और चिकित्सा मास्क के निर्यात पर प्रतिबंध देश में किसी भी कमी को रोकने के लिए लागू किया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार से मिले दिशा निर्देशों के अनुसार खरीददारों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता कंपनी थॉम्पसन प्रेस सर्विसेज और अन्य उत्पादक वित्तीय लाभ के लिए इसका निर्यात करना चाहते हैं न कि इस वजह से कि देश में इसकी मांग में कोई कमी है। उन्होंने विस्तार से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्तों का समय दिया और मामले पर अगली सुनवाई के लिए 10 जुलाई की तारीख तय की।(एजेंसी)