दिल्ली में कोविड-19 के एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 4039 नए मामले, सरकार का फिर लॉकडाउन से इनकार

नयी दिल्ली:  राष्ट्रीय राजधानी (National Capital) में बीते एक पखवाड़े के दौरान कोविड-19 (Covid-19)के मामलों में तीव्र वृद्धि हो रही है और बुधवार को एक दिन में संक्रमण के अब तक के सर्वाधिक 4039 नए मामले सामने आने के बावजूद दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने एक बार फिर लॉकडाउन (Lockdown) लागू करने की संभावना से इनकार किया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन (Satendra Jain) ने कहा कि अर्थव्यवस्था (Economy) को “पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता” क्योंकि लाखों लोगों की आजीविका इसपर निर्भर है।

मंत्री ने कहा कि शहर के लोगों को इससे “घबराना नहीं है बल्कि बेहद ऐहतियात बरतना” चाहिए और इस स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिये सार्वजनिक जगहों पर ज्यादा सतर्कता और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। इस महीने के शुरुआती नौ दिनों में ही दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 26,417 नए मामले सामने आए हैं।

बुधवार को संक्रमण के चार हजार से ज्यादा नए मामलों के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में कुल संक्रमितों की संख्या दो लाख के पार पहुंच गई। इस महामारी से अब तक यहां 4638 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में अगस्त में संक्रमण के मामलों में कमी के बाद सितंबर में अचानक से मामलों के बढ़ने के चलते बेचैनी के बनते माहौल पर जैन ने कहा, “यह सदी में एक बार आने वाली महामारी है जो 1918 के स्पैनिश फ्लू के बाद आई है। और, लोगों को कोविड-19 के साथ जीना सीखना होगा क्योंकि यह इतनी जल्दी जाने वाली नहीं है।”

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये एक साक्षात्कार में यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए एक बार फिर लॉकडाउन का दौर देखने को मिल सकता है, कहा, “इसके साथ ही, आप सबकुछ (अर्थव्यवस्था) पूरी तरह बंद नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इस पर लाखों लोगों की आजीविका टिकी है।”

राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक मामले चरणबद्ध तरीके से मेट्रो का संचालन फिर से शुरू होने के तीन दिन बाद आए हैं। बहुत से लोगों का मानना है कि मेट्रो सेवाओं के फिर से शुरू होने से कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में और बढ़ोतरी होगी। यह पूछे जाने पर कि क्या बढ़ते मामलों के बीच मेट्रो सेवा शुरू किये जाने का फैसला सही है, उन्होंने कहा, “लोगों को ज्यादा सजग रहना होगा और सार्वजनिक स्थानों पर ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी होगी। अगर आप मास्क नहीं पहनेंगे, तो सिर्फ मेट्रो में ही नहीं, आप कहीं भी संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।”

“घबराने की जरूरत नहीं” पर जोर देते हुए जैन ने कहा, “जैसा कि मैंने कहा, हमें कोविड के साथ रहना सीखना होगा। पहले यह माना जा रहा था कि वायरस गर्मियों में खत्म हो जाएगा या मानसून में यह कम सक्रिय होगा। यह अब भी मौजूद है। ऐसा लगता है कि यह अभी काफी वक्त तक रहने वाला है।”

दिल्ली मेट्रो जहां 22 मार्च से बंद थी वहीं केंद्र की तरफ से 25 मार्च से देश में राष्ट्रव्यापी बंद लागू किया गया था, जिसमें लोग घरों में रहने को मजबूर थे और वाणिज्यिक गतिविधियां ठप हो गई थीं। अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने की गतिविधि चरणबद्ध रूप से जून से शुरू हुई। जैन ने कहा, “अगर लॉकडाउन समाधान होता तब कोई नया मामला सामने नहीं आता। देश में नए मामलों की संख्या रोजाना 90 हजार तक पहुंच रही है और ‘अनलॉक’ की प्रक्रिया अब भी चालू है। लॉकडाउन अभी खत्म नहीं हुआ है।”

कई राज्यों ने मामलों के बढ़ने के बाद लॉकडाउन बढ़ा दिया या उसे फिर से लागू किया है। पंजाब सरकार ने हाल में कहा था कि कोविड-19 के खिलाफ लागू सप्ताहांत पर बंदी समेत सभी मौजूदा पाबंदियां सितंबर के अंत तक अधिकतर नगर निकाय क्षेत्रों में प्रभावी रहेंगी। यह पूछे जाने पर कि अगर विशेषज्ञ फिर से लॉकडाउन लागू करने का सुझाव देते हैं तो, जैन ने कहा, “हम सिर्फ विशेषज्ञों की सुनते हैं और किसी विशेषज्ञ ने अब तक यह सुझाव नहीं दिया है।”