Court prohibits punitive action against TV anchor commenting against Sufi saint

नयी दिल्ली.  उच्चतम न्यायालय ने सूफी संत पर टिप्पणी के मामले में टीवी समाचार एंकर अमीश देवगन के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर शुक्रवार को रोक लगा दी। सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान देने वाले देवगन पर विभिन्न राज्यों में कई प्राथमिकी दर्ज करवाई गई हैं।

न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर तथा न्यायामूर्ति दिनेश माहेश्वरी ने पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करवाने वाले लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा राजस्थान, तेलंगाना और महाराष्ट्र सरकार को भी नोटिस जारी किए गए हैं जहां पर पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। देवगन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने राहत की मांग की और कहा कि उनके मुवक्किल अपनी टिप्पणियों के लिए ट्वीट करके सफाई दे चुके हैं। शीर्ष अदालत याचिका पर जुलाई के पहले हफ्ते में सुनवाई करेगी और तब तक देवगन के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। प्राथमिकी एवं शिकायतों में कहा गया है कि देवगन ने संत के लिए ‘लुटेरा’ शब्द का इस्तेमाल किया था और बाद में इसके लिए माफी मांग ली थी।